शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे पर भूमि अधिग्रहण तेज
Siddhart-nagar News - अधिसूचना जारी करते हुए बांसी तहसील के अनेक गांवों की कृषि, आबादी, सड़क, चकमार्ग, तालाब एवं सरकारी भूमि को अधिग्रहण के दायरे में शामिल किया है। यह एक

बांसी, हिन्दुस्तान संवाद। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित शामली- गोरखपुर हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) निर्माण को लेकर सिद्धार्थनगर जनपद के बांसी तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सात मई को अधिसूचना जारी करते हुए बांसी तहसील के अनेक गांवों की कृषि, आबादी, सड़क, चकमार्ग, तालाब एवं सरकारी भूमि को अधिग्रहण के दायरे में शामिल किया है।
परियोजना का विवरण
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर शामली से पूर्वांचल के गोरखपुर तक प्रस्तावित है। सिद्धार्थनगर जिले में यह कॉरिडोर किलोमीटर 613.400 से 658.564 तक गुजरने वाला है। अधिसूचना के अनुसार प्रभावित किसानों और भूमिधरों को 21 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार दिया गया है। आपत्तियां सक्षम प्राधिकारी अपर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। सुनवाई के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
परियोजना के लाभ और चिंताएं
एक्सप्रेसवे परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके निर्माण से सिद्धार्थनगर सहित पूर्वांचल के कई जिलों को तेज यातायात सुविधा मिलेगी। व्यापार और परिवहन को गति मिलेगी तथा औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। वहीं दूसरी ओर किसानों में अपनी उपजाऊ जमीन जाने को लेकर चिंता भी दिखाई दे रही है। कई ग्रामीणों का कहना है कि उचित मुआवजा और पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। बांसी तहसील के जिन गांवों की भूमि अधिग्रहण सूची में शामिल की गई है उनमें प्रमुख रूप से कोल्हुआ, तुगलकपुर, अमघटी, कोल्हुई बुजुर्ग, भैंसठ, बिमौआ खुर्द, सिगिया, जाल्हेखोर, खदरा आदि गांव शामिल हैं।
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