लापरवाही उजागर, 126 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस
Siddhart-nagar News - आईडी जनरेट न होने पर प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई बनाने को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन के स्पष्ट निर्देशों और बार-बार की गई समीक्षा के बावजूद

सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जिले में बेसिक शिक्षा के अधीन संचालित परिषदीय विद्यालयों, साथ ही कक्षा एक से आठ तक मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित राजकीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा मदरसों में अध्ययनरत बच्चों की अपार आईडी बनाने को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन के स्पष्ट निर्देशों और बार-बार की गई समीक्षा के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों द्वारा अब तक विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट नहीं कराई गई है। जांच और समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि बेसिक शिक्षा के अधीन संचालित 79 परिषदीय विद्यालयों तथा बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त 47 निजी विद्यालयों में अपार आईडी के सर्वाधिक प्रकरण लंबित हैं।
इन विद्यालयों द्वारा न तो समय पर आवश्यक अभिलेख अपलोड किए गए और न ही छात्रों का पंजीकरण पूर्ण कराया गया, जिससे शासन की इस महत्वपूर्ण योजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने कक्षा एक से आठ तक के कुल 126 परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित विद्यालय तीन दिवस के भीतर अपने-अपने यहां अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी जनरेट कराना सुनिश्चित करें। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा सकती है। बीएसए ने बताया कि अपार आईडी विद्यार्थियों की एकीकृत शैक्षिक पहचान के रूप में कार्य करती है, जिससे उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का डिजिटल रूप से सुरक्षित संधारण संभव हो पाता है। यह आईडी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाना है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों की सतत निगरानी करें और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, जिन विद्यालयों में तकनीकी या अन्य किसी प्रकार की समस्या आ रही है, वहां तत्काल सहयोग प्रदान कर कार्य पूर्ण कराया जाए। कहा कि यदि समय रहते विद्यालयों ने लापरवाही नहीं सुधारी, तो आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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