रमजान माह की हुई शुरुआत, रात में हुई तरावीह की विशेष नमाज
Siddhart-nagar News - 18 एसआईडीडी 21: रमजान माह को लेकर शहर में सजी दुकान द्धार्थनगर, निज संवाददाता। इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान की शुरुआत बुधवार को चांद दिखने क
सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान की शुरुआत बुधवार को चांद दिखने के साथ हो गई। चांद दिखाई देते ही लोगों ने एक दूसरे को मुबारकबाद दी। ईशा की नमाज के बाद तरावीह की विशेष नमाज अदा की गई। तड़के सहरी खाकर पहला रोजा रखा गया। इस्लाम में रमजान माह का बहुत अहम मुकाम है। एक माह तक चलने वाला रोजा को लेकर लोगों ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। रोजा रखने के साथ लोग ज्यादातर वक्त अल्लाह की इबादत करते हुए गुजारते हैं। पांच वक्त की फर्ज नमाज के साथे कुरआन पाक की तिलावत भी कसरत के साथ की गई।
चांद दिखने के बाद रात में ईशा की नमाज के बाद तरावीह की नमाज पढ़ाई गई। तरावीह की नमाज ईद का चांद दिखने तक चलती रहेगी। इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ कुरआन रमजान माह ही नाजिल हुआ था इससे हर कोई कुरआन इस माह में पढ़ता है। चांद दिखने के बाद से ही तमाम लोगों ने कुरआन पढ़ना शुरू कर दिया है। यह सिलसिला जारी रहेगा। चांद दिखने के बाद से मस्जिदें गुलजार हो गईं। नमाजियों की भीड़ काफी अधिक बढ़ गई है। तड़के सहरी खाने के लोगों ने रोजा रखा। गुरुवार शाम को सूरज ढलने के बाद होने वाली मगरिब की अजान को सुन कर इफ्तार करेंगे। रमजान माह को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में काफी भीड़ होने लगी है। -------- रोजा मतलब भूखा रहना नहीं, अल्लाह की इबादत है रोजा रख कर अल्लाह की इबादत न की जाए तो उसे रोजा नहीं कहा जा सकता है। रोजा रखने के साथ अल्लाह की इबादत अधिक से अधिक करनी चाहिए। नमाजें अदा करें, तरावीह पढ़ें, कुरआन की तिलावत करें इससे अल्लाह खुश होता है। रोजा रखने के दौरान इंद्रियों पर काबू रखना, झूठ न बोलना, किसी से बेवजह लड़ना, एक दूसरे की बुराई करने की भी सख्त मनाही है। हाफिज कारी इस्लामुद्दीन, सिद्धार्थनगर -------- शहर में 10 दिनी तरावीह शहर के सरोजनी नगर वार्ड में मौजूद मदरसा जामिया अशरफिया जियाउल इस्लाम में 10 दिवसीय तरावीह की विशेष नमाज बुधवार रात ईशा की नमाज के बाद से शुरू हुई। रमजान माह की 10वीं तारीख को यहां पर कुरआन पाक मुकम्मल हो जाएगी। यह जानकारी मदरसा के नाजिम अल्हाज मौलाना बरकत अली ने दी है। --- खुजूर खाकर खोलते हैं रोजा इस्लाम धर्म को मानने वाले रोजेदार इफ्तार में सबसे पहले खुजूर खाते हैं। खुजूर खाकर रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। इसके बाद वह शर्बत या पानी पीने के बाद इफ्तार में बने पकवानों को खाते हैं। रमजान महीने में खुजूर की खूब बिक्री होती है। दुकानदार सिकंदर ने बताया कि कई दिन पहले से ही खुजूर की बिक्री काफी अधिक बढ़ गई है। ---------- इफ्तार में चटपटे सामानों के साथ फ्रुट्स भी रमजान के पहले रोजे को लेकर अधिकांश लोगों ने इफ्तार के सामानों की पहले ही खरीद कर ली थी। इफ्तार में दिन भी भूखे रहने के बाद चटपटा खाना लोग ज्यादा पसंद करते हैं। इफ्तार व सहरी में खाने के लिए चांद दिखाई देने के बाद फलों की भी खूब लोगों ने खरीद की। _--------- मुकद्दस रमजान इफ्तार (19) फरवरी सुन्नी 5.54 बजे शाम शिया 6.07 बजे शाम सहरी (20) फरवरी सुन्नी 5.06 बजे प्रात: शिया 5.08 प्रात:

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