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हवा चलने से सूख रहा नाक, शरीर में मरोड़ की भी दिक्कत

22 एसआईडीडी 08: मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में परामर्श लेने उमड़ी मरीजों-तीमारदारों की भीड़। 22 एसआईडीडी...

हवा चलने से सूख रहा नाक, शरीर में मरोड़ की भी दिक्कत
हिन्दुस्तान टीम,सिद्धार्थFri, 23 Feb 2024 02:15 AM
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सिद्धार्थनगर। निज संवाददाता
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में गुरुवार को 1109 मरीजों ने चिकित्सकीय परामर्श लिया। ओपीडी में सामान्य मरीजों के साथ-साथ मौसमी बीमारी की चपेट में आने वाले भी परामर्श लेते रहे। इस दौरान चिकित्सकों ने बताया कि हवा चलने से नाक सूख रहा है। शरीर में मरोड़ की दिक्कत बनी है। मौसम में अभी ठंड का असर बरकरार है। इसमें तेज धूप भी नुकसानदेय साबित हो रहा है। ऐसे में सेहत को लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है।

ओपीडी के कक्ष संख्या पांच में दोपहर 12.10 बजे नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार शर्मा मरीजों से घिरे पड़े थे। वह बारी-बारी से मरीजों को देख रहे थे। इस दौरान कई मरीजों ने नाक व गला सूखने की समस्या बताई। नाक से खून आने की भी समस्या से अवगत कराया। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया कि हवा के चलने से नाक व गला सूख रखा है। नाक के अधिक सूख जाने से या फिर सूखे स्थिति में नाक में उंगली डालने से खून आ रहा है। इसे लेकर अधिक परेशान न हों बल्कि चिकित्सकीय परामर्श लेकर इलाज करें।

मौसम में बदलाव से शरीर में दिक्कत

इमरजेंसी में दोपहर 12.30 बजे मरीजों-तीमारदारों की भीड़ जमा थी। चिकित्सक डॉ. विश्व ज्योति सहयोगी चिकित्सकों के साथ आने वाले मरीजों को देखकर उपचार संबंधी परामर्श दे रही थीं। जरूरत के मुताबित लोगों की जांच भी करा रही थी। वह बताती हैं कि मौसम में बदलाव हो रहा है। हवा रुक-रुक कर चल रही हैं। इससे शरीर में सर्दी, खांसी, जुकाम, मरोड़ की दिक्कत बनी है। इसके अलावा बीपी, शुगर के मरीजों के लिए यह मौसम काफी खतरनाक है। इस बीमारी के मरीज दवाओं का नियमित सेवन करें, नहीं तो फालिज अटैक का खतरा बना हुआ है।

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इसका रखें ध्यान

नाक को सूखने से बचाएं।

नाक सूखने पर नेजल ड्राप डालें।

नाक से खून आने पर चिकित्सकीय परामर्श लें।

कान की सफाई के लिए तीली न डालें।

हल्का ऊनी वस्त्र शरीर पर धारण किए रहें।

अधिक ठंड पानी पीने से बचें।

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