समाज के भीतर सकारात्मक बदलाव लाने को कार्य कर रहे स्वयंसेवी संगठन
Siddhart-nagar News - विश्व एनजीओ दिवस विशेष ) विशेष योगदान दे रहे हैं। इन्हीं के योगदान से समाज के भीतर सकारात्मक दिशा में बदलाव संभव हो पा रहा है। यह संस्थान पहले जनपद क

सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, पेयजल आदि के क्षेत्र में स्वयंसेवी संस्थान (एनजीओ) विशेष योगदान दे रहे हैं। इन्हीं के योगदान से समाज के भीतर सकारात्मक दिशा में बदलाव संभव हो पा रहा है। यह संस्थान पहले जनपद के भीतर व्याप्त समस्याओं पर अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद निदान की दिशा में योगदान देने के लिए धरातल पर उतरने का कार्य कर रहे हैं। इन स्वयंसेवी संस्थाओं का प्रशासनिक अधिकारी भी सहयोग करते हैं। यही कारण है कि बड़ी से बड़ी समस्याएं या गैप बड़े ही आसानी से दूर हो जा रहा है। दरअसल, देश-दुनिया ही नहीं अपितु जनपद, नगर व ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, पेयजल आदि के क्षेत्र में अलग-अलग बिंदुओं पर स्वयंसेवी संस्थान योगदान दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम चलते हैं। इनमें स्वयंसेवी संस्थाओं के तौर पर डब्लूएचओ व यूनिसेफ टीकाकरण में विशेष योगदान दे रहे हैं। इनका कार्य है कि शून्य से पांच वर्ष तक के शत प्रतिशत बच्चों को टीका लग जाए। अगर कोई अभिभावक बच्चे को टीका नहीं लगवा रहा है तो उसका कारण जानने का प्रयास करते हैं। उसके भ्रम को दूर करने का पूरा सहयोग करते हैं। टीके के महत्व से परिचित कराते हैं। जरूरत पर धर्म गुरुओं व डीएम स्तर तक के अधिकारियों का सहयोग लेकर टीका लगवाने का प्रयास करते हैं। इसी तरह उप्र टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) परिवार नियोजन की सेवा, पाथ फाइलेरिया पर योगदान देती है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) में कुपोषण को दूर करने में संस्थाएं योगदान देती हैं। इस तरह का प्रयास अन्य विभागों में स्वयंसेवी संस्थान देते हुए गैप को दूर करते हुए सभी को स्वस्थ व खुशहाल बनाने का कार्य करते हैं। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, हर वर्ष 27 फरवरी को मनाया जाता है एनजीओ दिवस विश्व एनजीओ दिवस हर वर्ष 27 फरवरी को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिवस का ध्येय गैर सरकारी- सरकारी संगठनों (एनजीओ) के सामाजिक योगदान, मानवीय कार्यों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। एक दिन एनजीओ, स्वयंसेवकों और समर्थकों को पहचानने, जागरूकता बढ़ाने व उन्हें सहयोग करने का एक वैश्विक मंच है। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, स्वयंसेवी संस्थान कार्यक्रम के गैप को दूर कराने में विशेष सहायक हैं। वह एक कार्यक्रम पर फोकस होकर कार्य करते हैं। जिसका नजीता होता है कि गैप आसानी से पकड़ में आ जाता है और समस्या दूर हो जाती है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों का भी सहयोग रहता है। राजेश कुमार, डीपीएम
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