Siddhart Nagar News: रिमझिम बारिश से खेत हुए गुलजार, धान की रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
Siddhart Nagar News: इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। तराई में मानसून की बारिश से खेती को रफ्तार मिली है। पिछले 24 घंटे में 20.8 मिमी बारिश हुई है, जिससे धान की रोपाई में तेजी आई है। हालांकि, खेतों की प्यास पूरी नहीं हुई। किसानों को आगे की बारिश की उम्मीद है, जिससे फसलें सफल हो सकें।

Siddhart Nagar News: इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। तराई के आंगन में मानसून की दस्तक अब धीरे-धीरे असर दिखाने लगी है। पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश और फुहारों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। हालांकि अब तक हुई बारिश खेतों की प्यास पूरी तरह नहीं बुझा सकी है, लेकिन इससे धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है। जनपद में पिछले 24 घंटे में 20.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इससे गलियां कीचड़ से सन गई है। आगे भी बारिश के आसार बने हैं। किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में तेजी से खेतों में उतर गए हैं। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर बाद तक जिले के कई हिस्सों में हल्की बारिश और फुहारों का सिलसिला जारी रहा। बारिश के कारण दिनभर मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा। हालांकि शाम को बादलों के बीच धूप निकलने से उमस फिर बढ़ गई। इसके बावजूद लगातार बनी नमी से खेती-किसानी के काम को गति मिली है। खेतों में धान की रोपाई का काम अब तेज हो गया है। आसमान में मंडराते बादल किसानों की उम्मीदों को लगातार बढ़ा रहे हैं。
किसानों की राय
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश हो गई तो खरीफ सीजन की सबसे महत्वपूर्ण फसल धान की रोपाई समय से पूरी हो जाएगी। फिलहाल हल्की बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी मिलने लगी है, जिससे रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं। बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान घटकर 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आई नरमी से लोगों को भी भीषण गर्मी से राहत मिली। राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 20.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
भविष्य की उम्मीद
उन्होंने बताया कि आगामी चार से पांच दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बने रहने की संभावना है। इस दौरान रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे धान सहित खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच किसानों की निगाहें अब झमाझम बारिश पर टिकी हैं। रिमझिम बारिश ने खेती को गति तो दी है, लेकिन भरपूर बारिश के बिना खेतों की प्यास पूरी तरह नहीं बुझेगी। ऐसे में मानसून के अगले दौर का इंतजार किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी है।
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