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कार्निया, लिवर, किडनी, हार्ट डोनेशन के लिए प्रेरित करेगा मेडिकल कॉलेज

सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत...

कार्निया, लिवर, किडनी, हार्ट डोनेशन के लिए प्रेरित करेगा मेडिकल कॉलेज
हिन्दुस्तान टीम,सिद्धार्थMon, 19 Feb 2024 04:45 PM
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सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम
माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत एमबीबीएस छात्रों को शरीर के महत्वपूर्ण अंग कार्निया, लीवर, किडनी व हार्ट को डोनेशन करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ ने पत्र जारी कर जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया है। कॉलेज छात्रों के साथ-साथ समुदाय को भी अंग डोनेशन के लिए जिम्मेदारियों का बोध कराएगा। अंग डोनेशन के लिए वृहद स्तर पर जागरूकता फैलाने को प्राचार्य डॉ. एके झा ने कम्युनिटी मेडिसिन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है।

दरअसल, समय के बढ़ते चक्र के साथ-साथ बीमारियां भी बढ़ती जा रही है। वर्तमान समय में अंग प्रत्यारोपण की जरूरत काफी तेजी से बढ़ी है, लेकिन जरूरत के मुताबिक डोनेशन नहीं हो पा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने अंगदान करने को जनांदोलन प्रारंभ किया है। इसी के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ ने पत्र जारी कर मेडिकल फील्ड से जुड़े छात्र-छात्राओं को मृत्यु के बाद शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को दान करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया है। भारत सरकार के इस जनांदोलन को धार देने के लिए मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने भी अपनी तैयारी प्रारंभ कर दिया है। विभाग एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को अंगदान से दूसरे के जीवन में होने वाले परिवर्तन की जानकारी देकर महत्वपूर्ण अंगों को दान करने को प्रेरित करेगा। इस आंदोलन से समुदाय को भी जोड़ने की तैयारी की गई है।

ढाई से तीन घंटे की अवधि महत्वपूर्ण

मनुष्य के देहांत होने के बाद शरीर के महत्वपूर्ण अंग कार्निया, लीवर, किडनी व हार्ट के काम करने की अलग-अलग समयावधि निर्धारित है, लेकिन मेडिकल के मुताबिक मृत्यु के ढाई से तीन घंटे के अंदर महत्वपूर्ण अंग निकाल लेने से वे उपयोगी रहते हैं।

अब तक 1.27 लाख ने किया अंगदान

भारत सरकार के आयुष्मान भव कार्यक्रम के अंतर्गत 17 सितंबर 2023 से नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन यानी नोटो के बेव पोर्टल पर अंगदान प्रतिज्ञा पंजीकरण प्रारंभ हुआ है। इसमें अब तक 1.27 लाख लोगों ने पंजीकरण कराकर मृत्य के बाद अंगदान की प्रतिज्ञा ली है।

अंगदान की मांग तेजी से बढ़ी है। अधिक से अधिक लोग अंगदान कर दूसरे की जिंदगी बचाने में मददगार बनें इसके लिए भारत सरकार ने जनांदोलन प्रारंभ किया है। इस आंदोलन से मेडिकल छात्रों व समुदाय को भी जोड़ा जाएगा।

डॉ. नौशाद आलम, विभागाध्यक्ष, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज

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