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कंस के अत्याचार से मुक्ति दिलाने को श्रीकृष्ण ने लिया था अवतार

भनवापुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के मलदा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार...

कंस के अत्याचार से मुक्ति दिलाने को श्रीकृष्ण ने लिया था अवतार
हिन्दुस्तान टीम,सिद्धार्थThu, 20 Jun 2024 05:01 PM
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भनवापुर, हिन्दुस्तान संवाद।
क्षेत्र के मलदा गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार की रात कथावाचक घनश्याम पांडेय ने श्रद्धालुओं को कंस वध व रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि कंस के अत्याचार से पृथ्वी त्राहि-त्राहि करने लगी थी तब लोगों ने भगवान से गुहार लगाई। इस अत्याचार को खत्म करने के लिए प्रभु श्रीकृष्ण अवतरित हुए।

कथावाचक ने बताया कि कंस को यह पता था कि उसका वध श्रीकृष्ण के हाथों ही होना निश्चित है, इसलिए कंस ने बाल्यावस्था में ही प्रभु श्रीकृष्ण को कई बार मरवाने का प्रयास किया। इस प्रयास में कंस असफल साबित होता रहा। कंस ने अपने प्रमुख अक्रूर के द्वारा मल्ल युद्ध के बहाने अल्प आयु में ही कृष्ण व बलराम को मथुरा बुलवाकर शक्तिशाली योद्धा व पागल हाथियों से कुचलवाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वह सभी श्रीकृष्ण व बलराम के हाथों मारे गए। अंत में श्रीकृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर मथुरा नगरी को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिला दी। कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने अपने माता-पिता वसुदेव व देवकी को कारागार से मुक्त कराया। वही कंस के द्वारा अपने पिता उग्रसेन महाराज को भी बंदी बनाकर कारागार में रखा था उन्हें भी श्रीकृष्ण ने मुक्त कराकर मथुरा के सिंहासन पर बैठाया। इस दौरान राम गोपाल चौरसिया, रामराज चौरसिया, ओमकार चौरसिया, गुरुचरन चौधरी, कृष्ण कुमार वरुण, विष्णु यादव, सीताराम राजभर आदि मौजूद रहे।

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