
प्रधानाचार्य को पदीय कार्यों से मुक्त कर एकल संचालन की संस्तुति
Siddhart-nagar News - सिद्धार्थनगर, हिटी। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा की शिकायत पर गांधी आदर्श इंटर कॉलेज
सिद्धार्थनगर, हिटी। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा की शिकायत पर गांधी आदर्श इंटर कॉलेज बढ़नी में छात्र-छात्राओं से हो रही अवैध फीस वसूली व छात्रों का आर्थिक शोषण के मामले की जांच कर रही टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। टीम ने विद्यालय की ओर से वित्तविहिन शिक्षण व्यवस्था संचालित करने के लिए ली जा रही धनराशि का विवरण और उसके सापेक्ष अध्यापकों को दिए जाने वाले मानदेय का ब्योरा उपलब्ध न कराने पर प्रधानाचार्य को पदीय कार्यों से मुक्त करने एवं एकल संचालन करने के लिए संस्तुति की है। टीम ने इसका प्रस्ताव कॉलेज की प्रबंध समिति से शीघ्र जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने गांधी आदर्श इंटर कॉलेज बढ़नी में छात्र-छात्राओं से हो रही अवैध फीस वसूली व छात्रों का आर्थिक शोषण की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने मामले में एसडीएम शोहरतगढ़ व जिला विद्यालय निरीक्षक की टीम गठित कर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश पर टीम ने मामले की जांच की तो पता चला कि विद्यालय की ओर से निर्धारित शुल्क ही लिया जाता है और शुल्क रसीद दिया जाता है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि विद्यालय की ओर से वित्तविहिन शिक्षण व्यवस्था संचालित करने के लिए ली जा रही धनराशि का विवरण और उसके सापेक्ष अध्यापकों को दिए जाने वाले मानदेय का ब्योरा नहीं दिया गया है। जांच के बाद यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्रबंध समिति के प्रस्ताव में छात्र-छात्राओं से उदग्रहित फीस का वार्षिक विवरण और उसके सापेक्ष कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। छात्र-छात्राओं से फीस के रूप में ली जा रही वार्षिक धनराशि का भुगतान अध्यापन कार्य में लगे हुए अध्यापकों व अन्य कार्मिकों को भुगतान किया जाना चाहिए था जिसका स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर प्रबंधक/प्रधानाचार्य की ओर से नहीं दिया गया है। टीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के अध्याय-2 विकास निधि के उपधारा 6-(1) में वर्णित वित्तीय वर्ष में विद्यालय की कुल आय की अनाधिक 15 प्रतिशत धनराशि पात्र शैक्षिक इकाई को विकास निधि के रूप में अन्तरित की जा सकती है। छात्र-छात्राओं से उदग्रहित धनराशि का मानदेय के रूप में खर्च करने के बाद शेष धनराशि कहां पर खर्च की जा रही है का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके लिए प्रबंधक/प्रधानाचार्य जिम्मेदार हैं। इसे देखते हुए टीम ने गांधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज बढ़नी के प्रधानाचार्य को पदीय कार्यों से मुक्त करने एवं एकल संचालन किए जाने के लिए संस्तुति की है। विद्यालय की ओर से वित्तविहिन शिक्षण व्यवस्था संचालित करने के लिए ली जा रही धनराशि का विवरण और उसके सापेक्ष अध्यापकों को दिए जाने वाले मानदेय का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। अरुण कुमार, डीआईओएस

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