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आईसीएमआर टीम ने तीसरी बार लिया ब्लड सैम्पल

औदही कला गांव में 20 लोगों को लग गया था अलग-अलग डोजका लगवाने वाले लोगों को एंटीजन टाइटल हो रहा है। आईसीएमआर के दो वैज्ञानिकों समेत पांच सदस्यीय टीम...

आईसीएमआर टीम ने तीसरी बार लिया ब्लड सैम्पल
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,सिद्धार्थThu, 25 Aug 2022 01:50 AM
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तुलसियापुर। हिन्दुस्तान संवाद

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) गोरखपुर ने शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के औदही कला गांव में 20 लोगों को दूसरे डोज में दूसरी कंपनी का टीका लगाने के मामले में तीसरी बार बुधवार को ब्लड सैंपल लिया। टीका लगवाने वाले लोगों को एंटीजन टाइटल हो रहा है। आईसीएमआर के दो वैज्ञानिकों समेत पांच सदस्यीय टीम ने बुधवार को गांव में तीसरी बार सैंपल लिया है।

बढ़नी पीएचसी के अंतर्गत औदही कला गांव में 14 मई 2021 को लापरवाही के कारण 20 लोगों को कोवैक्सिन का टीका लगा दिया गया जबकि उन्हें पहली डोज कोविशिल्ड की लगी थी। इसके बाद यह गांव अचानक चर्चा में आ गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आईसीएमआर के डीजी को पत्र भेजकर औदही कलां में स्वास्थ्य कर्मियों के लापरवाही का शिकार हुए लोगों की समुचित जांच करने का निर्देश दिया है। इस दौरान सभी 20 लोगों को एंटीजन सहित सात प्रकार की जांच हुई। बुधवार को बढ़नी पीएचसी के एमओआईसी डॉ.अविनाश चौधरी की मौजूदगी में सभी 13 लोगों के खून का सैंपल लिया। आईसीएमआर गोरखपुर की पांच सदस्यीय टीम वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.गौरवराज द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंची। सबसे पहले टीम ने कोरोना से बचाव के लिए अलग-अलग कंपनियों के दोनों डोज लगवाने वाले औदही कलां के 13 लोगों से मुलाकात की। टीम ने ब्लड सैंपल को हीरो कन्वर्जन की जांच के लिए आईसीएमआर के एनआईवी केंद्र पुणे भेजा। आईसीएमआर गोरखपुर के वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि काकटेल के शिकार हुए 20 लोगों का चार बार आईसीएमआर की टीम ने जांच की है। दूसरी बार एक माह बाद, तीसरी बार छह माह बाद और फिर एक वर्ष बाद जांच की गई है। इस दौरान डॉ.एसपी बेहरा, रविशंकर,एम्बिशात फातिमा, कमलेश, इशान, ओंकार, सत्येन्द्र, संतोष, आशा, गायत्री देवी आदि मौजूद रहीं।

अलग-अलग डोज लगने का मिला अच्छा रिस्पांस

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद गोरखपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गौरव द्विवेदी ने बताया कि जिनको एक ही कंपनी के दोनों डोज लगे हैं उनसे अच्छा रिस्पांस औदही कलां में 20 लोगों का है। जांच रिपोर्ट के बाद अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद से ही दोनों खुराक अलग-अलग कंपनियों के लगवाने की छूट देने की योजना सरकार ने बनाई है।

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