प्रभु की बाल लीला का वर्णन सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
18 एसआईडीडी 08: डुमरियागंज क्षेत्र के अल्लापुर मझारी गांव में पंडित राकेश शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई।

डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के अल्लापुर मझारी गांव में चल रहे श्रीरामकथा के दौरान रविवार की रात कथावाचक पंडित राकेश शास्त्री ने प्रभु श्रीराम के बाल लीलाओं से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथावाचक का संदेश
कथावाचक ने कहा कि पूजा में भाव की महत्ता होती है। प्रभु भक्त के भाव देखते हैं। यदि हम राम को पाना चाहते हैं, तो वे हमें अनुराग से प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रभु की छवि को ही मन में बसाना होगा। कथावाचक ने कहा कि जब श्रीराम ने दशरथ नंदन के रूप में मां कौशल्या की कोख से जन्म लिया तो, दासियां दौड़ पड़ी, अयोध्या सजने लगी, जन-जन में उत्साह छा गया। पूरे अयोध्या में शहनाई की आवाज गूंज रही थी। श्रीराम की बाल लीला संसार की सकारात्मक एवं सुखद आनंदमई लीला है। भगवान राम की बाल लीला में ही उनके साम्यवादी चिंतन व उनका क्रियात्मक रूप स्पष्ट होता है। शास्त्री ने बताया कि बाल काल में उनकी लीलाओं के दर्शन करने के लिए देवता भी तरसते थे। भगवान शिव खुद ही वीर हनुमान के साथ वेश बदलकर भगवान राम की बाल लीलाओं के दर्शन करने आए थे। इस दौरान दौरान राजेश्वर त्रिपाठी, पुल्लू तिवारी, जिलाजीत तिवारी, बबलू अग्रहरि, सुरेश चंद्र त्रिपाठी, लाला अग्रहरि, पिंटू यादव आदि मौजूद रहे।
श्रीराम जन्मोत्सव की कथा
भवानीगंज। भवानीगंज क्षेत्र के जंगलीपुर कुट्टिया में चल रहे रुद्र महायज्ञ एवं रामकथा के तीसरे दिन रविवार की रात बलराम दास शास्त्री व साध्वी उमा ने श्रीराम जन्म कथा का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान ग्राम प्रधान नौरंगी गुप्त, आदित्य वर्मा, राजेंद्र, रामधनी, राम सुरेश आदि मौजूद रहे।
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