ग्राम प्रधान पटखौली राजा का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज
Siddhart-nagar News - बस्ती में, ग्राम प्रधान पटखौली राजा के खिलाफ मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी और अन्य आरोपों के चलते डीएम ने उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद जांच का आदेश दिया गया। प्रधान और सचिव को दोषी पाया गया है।

बस्ती, निज संवाददाता। मजदूरों की मजदूरी को प्रधान के खाते में भेजे जाने, एक ही फोटो दिखाकर कर मनरेगा कार्य का बार-बार भुगतान कराने से सहित अन्य आरोपों के चलते डीएम ने ग्राम प्रधान पटखौली राजा का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित कर दिया है। इस मामले की शिकायत बाद समुचित कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए जांच कराने का निर्देश दिया था। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान के अधिकारों को सीज कर दिया गया है। डीएम को दिए शिकायती-पत्र में विजय कुमार यादव निवासी सेमरा दुबौली दूबे ने ग्राम पंचायत पटखौली राजा विकास खंड कप्तानगंज के प्रधान व सचिव के खिलाफ शिकायती पत्र दिया।
इस मामले में शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की। कोर्ट ने 18 मार्च 2026 को मेरिट के आधार पर जांच का आदेश दिया। इस पर डीएम ने डीडी कृषि व जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां व एई आरईटी की जांच टीम बनाया। जांच अधिकारियों ने पाया कि श्रमिकों की एक ग्रुप फोटो को बार-बार दिखाकर भुगतान किया गया। इस मामले में ग्राम प्रधान व सचिव को संयुक्त रूप से दोषी पाया गया। डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने पंचायती राज अधिनियम की धाराओं का उपयोग करते हुए ग्राम प्रधान मनोज कुमार दूबे के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को प्रतिबंधित कर दिया। गांव में विकास कार्य का संचालन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया। मामले की अंतिम जांच के लिए उपायुक्त मनरेगा संजय शर्मा को जांच अधिकारी बनाया गया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


