प्रज्ञा पुराण की कथा सुनकर श्रद्धालु हुए भावविभोर
Siddhart-nagar News - सोहना के भरौली कैथोलिया गांव में पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का दूसरा दिन मनाया गया। कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की महत्ता बताई। श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा का श्रवण कर रहे थे, जिसमें नारद ऋषि के जीवन प्रसंगों और यज्ञ की महत्ता पर चर्चा की गई।

सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया गांव में चल रहे पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने श्रद्धालुओं को प्रज्ञा पुराण की महत्ता बताई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरे पंडाल में भक्ति का वातावरण बना रहा। कथा व्यास ने बताया कि प्रज्ञा पुराण में संस्कारित और आदर्श जीवन के सभी पहलुओं का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस कथा का श्रवण करने से मानव जीवन धन्य हो जाता है और व्यक्ति को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। प्रज्ञा पुराण केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान का स्रोत है।
देवऋषि नारद के जीवन प्रसंगों की सरस व्याख्या करते हुए बताया कि नारद एक महान ऋषि थे। जिन्होंने चलते रहो का संदेश देते हुए ज्ञान की गंगा बहाई और समय-समय पर समाज को जागरूक करने का कार्य किया।उन्होंने कहा कि नारद के जीवन से निरंतर कर्म और लोककल्याण की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान उन्होंने यज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि इस सृष्टि में सबसे पहले यज्ञ की सृष्टि हुई थी, जिसमें अग्नि देव यज्ञ देवता के रूप में प्रकट हुए। अग्नि देव के बाद वरुण देव की सृष्टि हुई। उन्होंने बताया कि यज्ञ के लिए अग्नि और जीवन के लिए जल का विशेष महत्व है और इन दोनों के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। इस मौके पर मिठाई लाल यादव, आदर्श राम मौर्य, जंगली यादव, लवकुश यादव, स्वामीनाथ तिवारी, विजय यादव, शिव नारायन मौर्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें।
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