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जर्जर सड़क, गंदगी व कच्ची नालियां बनी बेतनार मुस्तहकम गांव की पहचान

जर्जर सड़क, गंदगी व कच्ची नालियां बनी बेतनार मुस्तहकम गांव की पहचान

संक्षेप:

Siddhart-nagar News - भनवापुर/बिजौरा, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के बेतनार मुस्तहकम गांव की हालत सरकार के विकास के दावों की सच्चाई की पोल खोल रही है। सरकार

Sep 04, 2025 04:19 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सिद्धार्थ
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भनवापुर/बिजौरा, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के बेतनार मुस्तहकम गांव की हालत सरकार के विकास के दावों की सच्चाई की पोल खोल रही है। सरकारी कागज़ों में यह गांव भले ही विकासशील बताया जा रहा हो लेकिन हकीकत यह है कि यहां के निवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं। जर्जर सड़क, कच्ची नालियां यहां की पहचान बनी हुई हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर लगातार जलभराव और कीचड़ रहने से लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है। गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग नलों के सामने गड्ढा खोदकर काम चला रहे हैं।

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बरसात में कीचड़ और दुर्गंध के चलते लोगों का घर से निकलना भी दूभर हो गया है। गांव में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप कई जगह खराब पड़े हैं और कुछ तो गंदा पानी दे रहे हैं। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में दूषित देसी नलों का पानी पीने को विवश हैं। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। लगभग 5000 की आबादी वाले इस गांव में ज्यादातर सड़कें जर्जर हैं और नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में सड़क और नालियों के मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये निकाल लिया गया है लेकिन विकास के नाम पर आंकड़ों की बाजीगरी की गई है। जिम्मेदारों की इस पर नजर नहीं पड़ रही है। मनरेगा जैसी योजना भी यहां सिर्फ कागजों तक सीमित दिखती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा फोटो खिंचवाकर मनरेगा के नाम पर धन का बंदर बाट किया जा रहा है। गांव में मनरेगा के नाम पर किसी तरह का कार्य नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जल निगम द्वारा पाइप लाइन बिछाने के नाम पर जिन रास्तों की हालत ठीक थी उन्हें भी बीच से खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है। परिणामस्वरूप, वहां कीचड़ और गंदगी से लोगों का निकलना और भी कठिन हो गया है। ------- जल जीवन मिशन का कार्य एक वर्ष से ठप बेतनार मुस्तहकम गांव में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। लगभग एक वर्ष पूर्व गांव में शुद्ध जल आपूर्ति के उद्देश्य से पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें शुद्ध पानी आसानी से मिलेगा। यह उम्मीद जल्द ही निराशा में बदल गई। जलजीवन मिशन के तहत शुरू किया गया कार्य बीते एक वर्ष से ठप पड़ा है। केवल बाउंड्रीवाल का कार्य पूर्ण करके गेट लगा दिया गया है। वह भी ऐसी जगह पर बना है कि जहां हमेशा जलभराव रहता है इससे आगे का निर्माण नहीं हो पा रहा है। ------- बीच गांव के पोखरे में गंदगी, ग्रामीण परेशान बेतनार मुस्तहकम गांव के बीचो-बीच स्थित बड़ा पोखरा गंदगी से पटा पड़ा है। चारों ओर जंगली पौधे और जलकुंभी फैलने से हालात इतने खराब हैं कि इसमें किसी बच्चे या पशु के गिरने पर जान बचाना मुश्किल हो सकता है। गांववालों का कहना है कि सफाई न होने से पोखरे के किनारे रहने वालों को दुर्गंध व मच्छरों की परेशानी झेलनी पड़ रही है। जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ------ नाली न होने से बढ़ी मुसीबत बेतनार मुस्तहकम में कई जगहों पर नाली निर्माण न होने से सड़क के किनारे और कहीं-कहीं सड़क पर गंदा पानी भर जाता है। कई जगह नाली टूट जाने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है इससे लोगों को कीचड़ और दुर्गंध के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। स्थिति यह है कि सड़क के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं जिनमें हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। --------- गांव की अधिकतर सड़कों की हालत बेहद खराब है। कई जगहों पर लोग कीचड़ और गंदे पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। मौजूदा समय में विकास केवल कागजों तक ही सीमित रहा है। धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आता। गांव पांच साल पीछे चला गया है। अबुल कलाम, बेतनार मुस्तहकम ----- गांव में पेयजल, सड़क और नाली की स्थिति बहुत खराब है। अधिकांश इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं। पुरानी नालियां पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। सफाई कर्मी के न आने से उन पर बड़ी-बड़ी घास उग आई है। गांव में विकास से पूरी तरह अछूता है। चिनकन, बेतनार मुस्तहकम ------------ गांव में सरकार पैसा पानी की तरह बहा रही है। सड़क, नाली, सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी गांव का हाल नहीं सुधर रहा है। ब्लॉक के अधिकारियों और प्रधान की मिलीभगत से विकास कार्य ठप है। गोविंद, बेतनार मुस्तहकम -------- आज भी कई परिवार पक्के मकान की आस में जिंदगी गुजार रहे हैं। गांव में सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जगराम पाल, बेतनार मुस्तहकम ------- प्रधान बनने के बाद से ही गांव की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहती हूं। गांव में समय-समय पर खुली बैठक कराकर लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं और प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाते हैं। अब तक तमाम पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कई जर्जर नालियों की मरम्मत कराई गई है। जो नालियां अभी भी जर्जर हैं और हैंडपंप खराब हैं उन्हें भी जल्द ही सही कराया जाएगा। ताहिरा खातून, प्रधान बेतनार मुस्तहकम ------- बेतनार मुस्तहकम गांव में मौके पर जाकर व्यवस्थाओं को सुधारने की कोशिश की जाएगी। अगर बिना काम कराए पैसा निकाला है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकारी सुविधाओं का लाभ प्रत्येक ग्रामीणों को दिलाया जाएगा। विनोद मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी भनवापुर