185 साल से सेना में सेवा दे रहा शुक्ला परिवार, अब पांचवीं पीढ़ी के तन्मय बनेंगे लेफ्टिनेंट
गोंडा के शुक्ला परिवार ने 185 वर्षों की अवधि में भारतीय सेना को लगातार पांच पीढ़ियों से सैनिक देकर इतिहास रच दिया है। उन्हें ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया जाएगा। तन्मय अपने पूर्वज हवलदार द्वारा 1841 में शुरू की गई गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

यूपी के गोंडा जिले के मनकापुर तहसील क्षेत्र के महेवा नानकार के शुक्ला परिवार ने 185 वर्षों की अवधि में भारतीय सेना को लगातार पांच पीढ़ियों से सैनिक देकर इतिहास रच दिया है। लेफ्टिनेंट तन्मय शुक्ला को शनिवार को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) गया से भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया जाएगा। वह अपने पूर्वज हवलदार करता राम शुक्ला द्वारा 1841 में शुरू की गई गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
शुक्ल परिवार ने भारत के सैन्य इतिहास के कुछ सबसे निर्णायक क्षणों में सेवा की है। यह वंशावली हवलदार करता राम शुक्ला (1841-1859) से शुरू होती है, जो 32 बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में थे। फिर नायक हरि नारायण शुक्ला (1907-1923), लेफ्टिनेंट कर्नल निवास शुक्ला (1954-1990), कर्नल बिपिन कुमार शुक्ला (1995-वर्तमान) तक जारी है। अब पांचवीं पीढ़ी का प्रतिनिधित्व लेफ्टिनेंट तन्मय शुक्ला कर रहे हैं।
आधुनिक युग में जब युवा इंजीनियरिंग स्नातक उच्च वेतन वाले कॉर्पोरेट करियर की ओर आकर्षित होते हैं। तब तन्मय शुक्ला ने एसआरएम चेन्नई से कंप्यूटर साइंस बीटेक के बाद सेना में सेवा देने का मार्ग चुना। आईटी क्षेत्र में शानदार करियर बावजूद, उन्होंने अपने परिवार की सैन्य परंपरा का सम्मान करने का विकल्प चुना। कर्नल बिपिन कुमार शुक्ला ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे बेटे ने इसकी चुनौतियों और पुरस्कारों को समझते हुए, स्वेच्छा से इस मार्ग को चुना है।
लेफ्टिनेंट तन्मय शुक्ला को आर्टिलरी रेजिमेंट जिसकी उनके पिता ने कमान संभाली थी, प्राप्त हुई है। इससे वे यूनिट में पिता-पुत्र अधिकारियों की दूसरी पीढ़ी बन गए हैं। शुक्ला परिवार की प्रतिबद्धता सैन्य सेवा से आगे तक फैली हुई है। सितंबर 2020 में, स्वर्गीय लेफ्टिनेंट कर्नल निवास शुक्ला ने सैनिक परमार्थ चिकित्सालय की स्थापना की। जो ग्रामीण क्षेत्रों में वंचित समुदायों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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