
शुभांशु शुक्ला, अलख पांडेय और हरिओम पवार को मिलेगा यूपी गौरव सम्मान, लिस्ट में 2 और नाम
यूपी में विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला, अलख पांडेय और कवि हरिओम पावर समेत पांच विशिष्ट व्यक्तियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ देगी। यह सम्मान उन्हें उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर मिलेगा।
यूपी में योगी सरकार विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला, Physics Wallah के अलख पांडेय और कवि हरिओम पावर समेत पांच विशिष्ट व्यक्तियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ देगी। यह सम्मान उन्हें 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। ये सभी विभूतियाँ विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, नवाचार और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं।
सम्मान के लिए चयनित प्रथम नाम लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला का है, जिन्होंने विज्ञान, नवाचार एवं अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा उड़ान भरकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखा। वे आईएसएस पर पहुंचने वाले पहले भारतीय तथा राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने।
दूसरे सम्मानित व्यक्तित्व प्रयागराज निवासी अलख पाण्डेय हैं, जिन्हें शिक्षा, उद्यमिता एवं स्वावलंबन के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए चुना गया है। Physics Wallah के संस्थापक अलख पाण्डेय ने डिजिटल माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश के करोड़ों विद्यार्थियों तक पहुँचाया। उनकी कंपनी वर्ष 2022 में भारत की प्रमुख एडटेक यूनिकॉर्न बनी।
तीसरे सम्मानार्थी प्रख्यात कवि एवं शिक्षाविद् डॉ. हरिओम पवार हैं। शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनकी कविताएँ राष्ट्र, लोकतंत्र और सामाजिक चेतना की मुखर अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं से अर्जित धनराशि निर्धन बच्चों की शिक्षा में समर्पित कर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
चौथा नाम मेरठ की रश्मि आर्य का है, जिन्होंने शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना कर भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का अनूठा समन्वय किया। उनके नेतृत्व में गुरुकुल की छात्राओं ने शिक्षा, खेल, योग एवं संस्कृत प्रतियोगिताओं में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
पांचवें सम्मान हेतु चयनित डॉ. सुधांशु सिंह, वाराणसी निवासी अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कृषि वैज्ञानिक हैं। वे वर्तमान में ISARC के डायरेक्टर के रूप में दक्षिण एशिया में सतत कृषि विकास, धान अनुसंधान और नवाचार का नेतृत्व कर रहे हैं। कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।





