Hindi NewsUttar-pradesh NewsShravasti NewsTribute Program Held for Guru Tegh Bahadur s 350th Martyrdom Anniversary in Shravasti
गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, संकीर्तन में उमड़ी भीड़

गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, संकीर्तन में उमड़ी भीड़

संक्षेप:

Shravasti News - श्रावस्ती में भिनगा नगर स्थित संघ कार्यालय में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संकीर्तन हुआ और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। आरएसएस के जिला प्रचारक ने गुरु जी के बलिदान और उनके सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। अंत में प्रसाद वितरण किया गया।

Dec 02, 2025 05:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, श्रावस्ती
share Share
Follow Us on

श्रावस्ती,संवाददाता। मंगलवार को भिनगा नगर स्थित संघ कार्यालय में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संकीर्तन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में आरएसएस के जिला प्रचारक भानु प्रकाश ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, विचारों और उनके सर्वोच्च बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दू धर्म की रक्षा और मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इसलिए उन्हें हिंद की चादर के नाम से जाना जाता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब की ओर से थोपे जा रहे धार्मिक परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया और अन्याय के विरुद्ध अडिग रहे। धर्म नहीं छोड़ने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से शहीद किया गया, लेकिन वे सत्य और धर्म के मार्ग से नहीं डिगे। संकीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु-वंदना और शबद-कीर्तन के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी को नमन किया। वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से भरा रहा। जिला प्रचारक ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पूरे विश्व को धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा का संदेश देती है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गुरु जी के सिद्धांतों,साहस, सेवा, त्याग और मानवता का अनुसरण करने का संकल्प लिया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर बाबूराम, सरदार बलविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, अर्शदीप सिंह, परविंदर सिंह, सम्मी गुरदेव सिंह, तेजपाल सिंह, सुखविंदर भाई, गायनी विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी व युवा मौजूद रहे।