DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  श्रावस्ती  ›  टॉप टेन सूची में आने का सपना हुआ चकनाचूर
श्रावस्ती

टॉप टेन सूची में आने का सपना हुआ चकनाचूर

हिन्दुस्तान टीम,श्रावस्तीPublished By: Newswrap
Thu, 03 Jun 2021 11:30 PM
टॉप टेन सूची में आने का सपना हुआ चकनाचूर

श्रावस्ती। संवाददाता

कोरोना महामारी ने शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्रभावित किया है। इंटरमीडियट की भी परीक्षा निरस्त होने से छात्रों के मेरिट लिस्ट में आने का सपना चकनाचूर हो गया है। अब सभी छात्रों को महज प्रमोट से ही संतुष्ट होना पड़ेगा। ऐसे में छात्रों ने मन में उमड़ रही जिज्ञासा को हिन्दुस्तान से संवाद कर बताया।

इंटरमीडियट की परीक्षा भी निरस्त होने की खबर सुनकर दिन रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्रों के होश फाक्ता हो गए। परीक्षा निरस्त होने से उनके सामने कई समस्याएं व प्रश्न खड़े हो गए। जिसका उत्तर उन्हें ढूंढे नहीं मिल रहा है। श्रीराम दुलारे श्रीवास्तव हरीराम इंटर कालेज में कक्षा 12 की छात्रा प्रिया शर्मा व प्राची शर्मा ने बताया कि वे परीक्षा का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं। क्योंकि उन्होंने स्कूल में भले ही पढ़ाई नहीं की है किन्तु घर पर वे बेहद लगन से परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। कक्षा 12 के अनूप व निशा बानो का कहना है कि वे जिले की टॉप टेन सूची में आने के लिए जी जान से पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन परीक्षा निरस्त होने से उनके सपनों को लकवा मार गया है। वहीं कक्षा 10 की छात्रा अपर्णा श्रीवास्तव व सबा बानो ने बताया कि परीक्षा निरस्त करके छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नियमों का पालन करते हुए परीक्षा कराना सरकार की प्राथमिता होनी चाहिए। लेकिन वह अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। कक्षा 10 के ही अजय वर्मा व आनंद शर्मा ने कहा कि परीक्षा न होने से छात्रों के प्रतिभा का आकलन सही ढंग से नहीं हो पाएगा।

छलका अभिभावकों का दर्द

अभिभावक आशाराम, विद्याराम वर्मा, रमजान, अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि पढ़ाई के लिए छात्रों का एडमिशन तो करा दिया गया लेकिन कोरोना काल में जिस तरह से सभी को राहत दी जा रही है उसी तरह से अभिभावकों को भी राहत मिलनी चाहिए। बच्चे न तो स्कूल गए और न ही शिक्षकों ने उन्हें पढ़ाया फिर भी अभिभावकों को तरह-तरह की फीस भरनी पड़ रही है। ऐसे में अभिभावक ठगे महसूस कर रहे हैं। किसी तरह से बच्चों को पढ़ाया जाता है तो परीक्षा निरस्त कर उनकी व बच्चों की मेहनत पर पानी फेर दिया जाता है। जबकि परीक्षा हाल से कहीं ज्यादा भीड़ बाजारों में उमड़ रही है। डीआईओएस चंद्रपाल ने बताया कि हाईस्कूल में करीब नौ हजार व इंटरमीडियट में करीब सात हजार छात्र पंजकृत हैं। जिन्हें प्रमोट किया जाएगा। कोरोना से सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है।

संबंधित खबरें