स्काउट गाइड को दिया जाता है सामाजिक जिम्मेदारी का ज्ञान
श्रावस्ती, संवाददाता। गुरुवार को जगत जीत इंटर कॉलेज इकौना में चल रहे स्काउट गाइड प्रशिक्षण

श्रावस्ती, संवाददाता। गुरुवार को जगत जीत इंटर कॉलेज इकौना में चल रहे स्काउट गाइड प्रशिक्षण के चौथे दिन डॉ ज्योति प्रकाश पाण्डेय प्रधानाचार्य अलक्षेन्द्र इण्टर कॉलेज भिनगा एवं जिला मुख्य आयुक्त श्रावस्ती ने कहा कि स्काउट गाइड का शस्त्र प्रशिक्षण मूल रूप से हथियारों को चलाने के लिए नहीं बल्कि आत्म-रक्षा, सुरक्षा और आपातकालीन कौशल विकसित करने के लिए होता है। इसके अंतर्गत लाठी, प्राथमिक चिकित्सा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव के तरीके सिखाए जाते हैं। स्काउटिंग में 5 फीट (करीब 1.5 मीटर) लंबी लकड़ी की लाठी का इस्तेमाल होता है। इसमें लाठी के वार,बचाव और आत्म-रक्षा के पैंतरे सिखाए जाते हैं।
आपातकाल में सुरक्षित पुल,मचान या स्ट्रेचर बनाने के लिए रस्सियों से विभिन्न प्रकार की गांठें बांधने का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्काउट के प्रमाण पत्र से हर क्षेत्र में सम्मान मिलता है। इस दौरान जगत जीत इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेई ने कहा कि इस प्रशिक्षण में जंगल या अनजान जगह में टेंट लगाना, बिना गैस के खाना पकाना और दिशा ज्ञान (दिशा सूचक यंत्र और तारों की मदद से) का अभ्यास कराया जाता है। अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और ट्रैफिक नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी कामाक्षा प्रसाद पाठक, हनुमान प्रसाद तथा भारी संख्या में स्काउट गाइड के छात्र छात्राएं मौजूद रही।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


