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कूड़े व गंदगी में जीवन यापन करने को मजबूर पुरैनिया गांववासी

कूड़े व गंदगी में जीवन यापन करने को मजबूर पुरैनिया गांववासी

संक्षेप:

Shravasti News - कटरा के पुरैनियां गांव में गंदगी और कीचड़ की समस्या बढ़ती जा रही है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण नालियां जाम हो गई हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। ग्रामीणों ने शिकायतें की हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

Nov 18, 2025 07:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, श्रावस्ती
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कटरा, संवाददाता। पुरैनियां गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नियमित सफाई न होने से ग्रामीणों को कीचड़ में से निकलना पड़ता है। स्कूल पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे और ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में लाखों रुपये का बजट ग्राम विकास के लिए आने के बावजूद जनप्रतिनिधियों की ओर से ग्राम पंचायत के निवासियों की मूलभूत सुविधाओं को भी पूर्ण करने में रुचि नहीं दिखाई है। जिस कारण गांव के लोगों को स्वच्छ जल की आपूर्ति सहित पूरे ग्राम में नाली के निर्माण और उसके गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं कराने के चलते जगह कीचड़ फैला हुआ है।

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विकास खण्ड इकौना की ग्राम पंचायत अमारे भरिया के मजरा पुरैनिया में देखने को मिला। यहां नाली की सफाई न होने से ही ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ जाती है। नालियां चोक होने के कारण लोगों के घर का पानी गांव से बाहर नहीं निकल पाता है जिससे गंदा पानी गांव की गलियों में ही फैलता रहता है। ऐसे में वहां कीचड़ व जलभराव के कारण नालियों का पानी काला पड़ गया है। वहीं दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी है। प्रशासन की ओर से लोगों को स्वच्छता अपनाने तथा घरों के आसपास सफाई रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गांव- गांव में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन यहां पर स्वच्छता अभियान लोगों को मुंह चिढ़ा रहा हैं। गांव तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग पर भी कीचड़ भरा रहता है। इसलिए कीचड़ के बीच से होकर लोगों को निकलना पड़ता है। ग्रामीण परेशान : मुरली प्रजापति का कहना है कि स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के कारण यहां पर गंदगी का अंबार लगा है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में सफाई नहीं कराए जाने से जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। वहीं मेहीलाल का कहना है कि गांव की नालियां जाम होने से गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। गंदगी से परेशान ग्रामीण कई बार जिम्मेदार लोगों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन साफ सफाई पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। इसी तरह से बुधना देवी का कहना है कि गांव में गंदगी पसरी होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं और संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। गांव में सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि रामावती का कहना है कि गांव में व्यवस्थाओं का बोलबाला है। इस कारण लोगों को कचरे के ढेरों के ऊपर से होकर निकलना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि कचरे में पानी भर जाने से बदबू आते रहती है। लंबे समय से सफाई नहीं कराए जाने के कारण नाले, नालियों के कचरे से पटे हुए हैं। नालियों में इतना कचरा भरा है कि पानी की निकासी नहीं हो पाती है और घरों का गंदा पानी सड़क के ऊपर होकर बहता रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन की ओर से ग्राम विकास के लिए पर्याप्त राशि भेजी जाती है। लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से उसका उचित इस्तेमाल नहीं किया जाता है और सिर्फ कागजों में ही राशि का बंदरबांट कर लिया गया।