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रेल लाइन के लिए श्रावस्ती के लोगों को और करना होगा इंतजार

कार्रवाई - 19 दिसम्बर को दिल्ली के जंतर मंतर में समिति ने किया था

रेल लाइन के लिए श्रावस्ती के लोगों को और करना होगा इंतजार
हिन्दुस्तान टीम,श्रावस्तीTue, 09 Jan 2024 05:45 PM
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कार्रवाई

- 19 दिसम्बर को दिल्ली के जंतर मंतर में समिति ने किया था धरना प्रदर्शन

- पीएमओ ने लिया समिति के ज्ञापन का संज्ञान, रेलवे को भेजा निर्देश

श्रावस्ती। संवाददाता

श्रावस्ती में रेल लाइन के लिए अभी जिले के लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा। श्रावस्ती को रेल से जोड़ों संघर्ष समिति की ओर से 19 दिसम्बर को दिल्ली के जंतर मंतर में किए गए धरना प्रदर्शन और ज्ञापन को पीएमओ ने संज्ञान लिया और रेलवे को वर्तमान में हो रही कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया था। इसके तहत पूर्वोत्तर रेलवे के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव आफिसर ने पत्र भेज कर निर्माण कार्य पूरा करने का समय बताया है।

आवागमन के लिहाज से श्रावस्ती में समस्या ही समस्या है। श्रावस्ती को भले ही अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध स्थली का गौरव प्राप्त है। जहां पर करीब दो लाख से अधिक विदेशी श्रद्धालु श्रावस्ती पहुंच कर दर्शन पूजन करते हैं। जिसमें बौद्ध व जैन धर्म के मानने वाले लोग शामिल होते हैं। लेकिन श्रावस्ती में रेल लाइन नहीं है। न ही रोडवेज बस अड्डा ही है। श्रावस्ती को रेल लाइन से जोड़ने के लिए श्रावस्ती को रेल से जोड़ों संघर्ष समिति बना कर लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए दो बार दिल्ली के जंतर मंतर पर लोग धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वर्ष 2014 में श्रावस्ती लोकसभा से चुनाव जीते दद्दन मिश्र ने प्रयास करके खलीलाबाद से श्रावस्ती होते हुए बहराइच तक 240 किलोमीटर रेल लाइन की मंजूरी कराई थी। जिसमें कहा गया था कि वर्ष 2025 तक रेल लाइन पूरी करके गाड़ी चला दिया जाएगा। लेकिन अब तक श्रावस्ती में रेल लाइन बिछाने की सुगबुगाहट भी नहीं हुई है। इससे संघर्ष समिति के संस्थापक पंकज मिश्र के नेतृत्व में 19 दिसम्बर को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बार फिर से धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद रेल मंत्री व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया गया।

ज्ञापन को संज्ञान में लेकर पीएमओ ने पूर्वोत्तर रेलवे को दिशा निर्देश दिया कि अब तक हो रही कार्रवाई के बारे में संघर्ष समिति के संस्थापक को बताया जाय। इस पर पूर्वोत्तर रेलवे के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ने पंकज मिश्र के नाम से पत्र भेजा है। जिसमें रेल लाइन का काम कब कहां तक पूरा होगा। इसकी जानकारी दी है।

तीसरे फेस में श्रावस्ती में बिछेगी रेल लाइन

रेल विभाग की ओर से जारी पत्र में फेस एक में खलीलाबाद से बांसी तक 54.4 किलोमीटर का कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि फेस एक का कार्य पूरा होने के बाद फेस दो (बांसी से श्रावस्ती तक 115 किलोमीटर) के कार्य को पूरा करने का समय मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में तीसरे फेस कार्य श्रावस्ती से बहराइच तक कुल 72.20 किलोमीटर कार्य पूर्ण करने का समय मार्च 2027 का लक्ष्य निर्धारित किया है।

लोगों के गले नहीं उतर रहा है रेलवे का लक्ष्य

पहले ही देर से हो रहे निर्माण के लिए रेलवे का लक्ष्य लोगों के गले नहीं उतर रहा है। कारण है कि पहले फेस के लिए 54 किलोमीटर का निर्माण कार्य दो साल में पूरा कराया जाएगा। जबकि दूसरे फेस के लिए 115 किलोमीटर का काम अगले तीन महीने में कैसे पूरा कर लिया जाएगा। वहीं अंतिम फेस में श्रावस्ती में 72 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का काम एक साल में पूरा कराने का लक्ष्य बताया गया है। संघर्ष समिति के संस्थापक पंकज मिश्र ने बताया कि श्रावस्ती में रेल लाइन बिछाने के लिए तय समय पर असहमति जताई गई है और पीएमओ आफिस में फिर से शिकायत दर्ज कराई गई है।

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