
बाल विवाह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति सजा का भागीदार होगा-पुष्पलता
Shravasti News - श्रावस्ती में मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा और बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया गया। महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता ने बताया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है और इसके लिए माता-पिता व अन्य को सजा मिल सकती है।
श्रावस्ती। मिशन शक्ति अभियान के तहत रविवार को पुलिस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं व बालिकाओं को उनकी सुरक्षा के साथ ही बाल विवाह न करने के लिए जागरूक किया गया। महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता ने जागरूक करते हुए कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। ऐसा करने वाले माता-पिता, पंडित व मौलवी तथा रिश्तेदारों को भी दो वर्ष तक की कैद व एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ऐसे में जब तक लड़के की उम्र 21 वर्ष व लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरी न हो जाए तब तक उनका विवाह कदापि न करें।
उन्होंने कहा कि बाल-विवाह करने, कराने व उसमें शामिल होने वाला प्रत्येक व्यक्ति दोषी होगा। यही नहीं विवाह में अपनी सेवा देने वाले नाई, रसोइयों, बैंड व टेंट वाले जो भी वहां शामिल होंगे सभी समान सजा व जुर्माने के भागी होंगे। यदि ऐसा कहीं हो रहा हो तो इसकी सूचना 1098 पर दें। ताकि बच्चों को उनकी शिक्षा आदि का अधिकार मिल सके। क्योंकि बाल विवाह सामाजिक बुराई है। इससे बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य व विकास में बाधा उत्पन्न होती है। इस मौके पर मौजूद लोगों को बाल विवाह न करने, न होने देने, इसकी सूचना पंचायत व प्रशासन को देने तथा बच्चों की शिक्षा व सुरक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद कर बाल विवाह मुक्त भारत निर्माण में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई।

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