पांच दिन बाद नेपाल में रहने वाले परिजनों का संदेश तो मिली राहत

पांच दिन बाद नेपाल में रहने वाले परिजनों का संदेश तो मिली राहत

संक्षेप:

Shravasti News - नेपाल में हो रही हिंसा का असर भारतीय क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। भारतीय और नेपाली गांवों के बीच पारिवारिक संबंध हैं, जिससे लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। कई परिवारों ने अपनी...

Sep 10, 2025 09:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, श्रावस्ती
share

श्रावस्ती। नेपाल में हो रही हिंसा पर भारतीय क्षेत्रों में भी असर है। कारण है कि भारत व नेपाल से रोटी बेटी का संबंध है। सीमा से सटे भारतीय व नेपाल गांवों के लोगों का पारिवारिक संबंध है। या फिर रिश्तेदारियां हैं। इसके कारण एक दूसरे के सुख दुख में सहभागी रहते हैं। नेपाल में हिंसा के बाद भारतीय क्षेत्र में रह रहे रिश्ते दार पल पल की खबर ले रहे हैं और खबर न मिलने पर मायूस हो जाते हैं। थाना हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र ग्राम पंचायत देवरनिया के बरगदही गांव निवासी कुतुबुद्दीन खां ने बताया कि बहराइच जनपद के मकोलिया गांव में हमने लड़की की शादी की थी।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

हमारी लड़की रायना और दामाद दोनों काठमांडू नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के बगल में नौकरी करते हैं। जिस दिन वहां हिंसा हुई थी तब से मेरा दिल नहीं लग रहा था किन्तु बुधवार को मोबाइल से बात हुई है तो खुशी मिली है। इसी तरह से विकास क्षेत्र जमुनहा के हरदत्त नगर गिरंट निवासी अकबर अली ने बताया कि हमारी बड़ी लड़की रेशमा की शादी नेपाल में रांझा में हुई है। नेपाल में हो रही हिंसा के बाद से बहुत परेशान था। लेकिन पता चला है कि बेटी और परिजन सुरक्षित हैं। वहीं मल्हीपुर थाने के घुडदौरिया निवासी परशुराम गुप्ता ने बताया कि नेपाल गंज फुलटेकरा में रिश्तेदारी है। तीन दिन के बाद फोन से हाल चाल मिला है। इसी तरह से जब्दी तुरुष्मा निवासी कैलाश नाथ पाठक ने बताया कि नेपाल के उधौपुरवा में रिश्तेदारी है। नेपाल में हो रही हिंसा के कारण रिश्तेदारों की सुरक्षा को लेकर परेशान था। लेकिन पता चला है कि सब लोग ठीक हैं। जबकि तुरुष्मा निवासी राम दिनेश चौहान ने बताया कि नेपाल के शाहपुरवा में है। लेकिन अब तक हाल चाल नहीं मिला है। इसलिए परेशान हैं।