परवान नहीं चढ़ी सरकारी जमीनों में पत्थर लगाने की योजना
Shravasti News - श्रावस्ती में सरकारी जमीनों की पैमाइश और पत्थर लगाने की योजना सफल नहीं हो पाई। शुरूआत में पत्थर तैयार कर दिए गए, लेकिन सिर्फ एक-दो ग्राम पंचायतों में ही पत्थर लगाए गए। पूर्व जिलाधिकारी ने योजना बनाई थी, लेकिन नए डीएम के स्थानांतरण के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई।

श्रावस्ती,संवाददाता। सरकारी जमीनों की पैमाइश करके पत्थर लगाने की योजना परवान नहीं चढ़ी। शुरुआत में पत्थर तैयार करके तहसील स्तर पर उपलब्ध करा दिए गए। लेकिन एक दो ग्राम पंचायतों में सरकारी जमीन पर पत्थर लगा कर कोरम पूरा कर दिया। लेकिन न तो जमीनों की पैमाइश की गई और न ही दबंगों के कब्जे के मुक्त ही हो सकी। पूर्व जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने एक साल पहले योजना बनाई थी कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सरकारी जमीनों की पैमाइश करा कर अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाय। इसके साथ ही भविष्य में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा न हो इसके लिए इन जमीनों पर पत्थर लगाया जाय।
पत्थर पर सरकारी जमीनों का प्रकार जैसे खलिहान है तो खलिहान और घूर गड्ढा है तो उसे भी दर्ज किया जाय। इसके साथ ही सरकारी जमीन का रकबा कितना है और चारो ओर की चौहद्दी क्या है। पत्थर में पूरा विवरण दर्ज होगा। डीएम की सख्ती के कारण शुरुआत में कुछ ग्राम पंचायतों में सरकारी जमीनों पर पत्थर लगवाए गए। लेकिन डीएम के स्थानांतरण के बाद यह योजना भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सरकारी जमीनों पर लगवाने वाले पत्थरों को सड़कों के किनारे व तहसील में रख दिया गया।न अधिकारी ध्यान दे रहे और न ही ग्राम प्रधान:गिरंटबाजार। योजना थी कि राजस्व और पुलिस की टीम जमीनों की पैमाइश करेगी। इसके बाद लेखपाल और ग्राम प्रधान तथा पंचायत सचिव संबंधित जमीन पर पत्थर लगवाएंगे। इसके साथ ही ग्राम प्रधान, लेखपाल और ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होगी कि जमीन पर फिर से अवैध कब्जा न हो। लेकिन ग्राम प्रधानों और सचिवों तथा लेखपालों की हीला हवाली के सड़कों के किनारे पड़े पत्थर अपने मकसद में कामयाब नहीं हो रहे हैं।
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