60 की उम्र में पिस्टल थामने वाली प्रकाशी तोमर की हालत गंभीर, नाक की नस फटने से अस्पताल में भर्ती
वयोवृद्ध निशानेबाज प्रकाशी तोमर की नाक की नस फटने के चलते गम्भीर हालत में नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी सेहत का हालचाल जानने के लिए प्रशसंक परेशान दिखाई दिए। बता दें कि प्रकाशी तोमर पर ‘सांड की आंख’ फिल्म बन चुकी है।

यूपी के बागपत की रहने वाली वयोवृद्ध निशानेबाज प्रकाशी तोमर की हालत गंभीर है। दरअसल, नाक की नस फटने के चलते उन्हें गम्भीर हालत में नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी सेहत का हालचाल जानने के लिए प्रशसंक परेशान दिखाई दिए। साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए दुआएं कर रहे हैं। बता दें कि प्रकाशी तोमर पर ‘सांड की आंख’ फिल्म बन चुकी है।
जौहड़ी गांव में वयोवृद्ध महिला निशानेबाज की हालत रविवार की सुबह उस समय अचानक खराब हो गई जब वे घर का कामकाज कर रही थी। उनके नाक की नस फटने से वे गश खाकर गिर पड़ी। यह देख परिजनों में अफरा तफरी मच गई। आनन-फानन में परिजन उन्हें बड़ौत अस्पताल पहुंचे। जहां पर आराम न मिलता देख परिजनों ने उन्हें नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। उनके स्वास्थ्य का अपडेट जानने के लिए प्रशंसक काफी परेशान दिखाई दिए। उनके साथ उनकी बेटी सीमा तोमर व बेटा रामबीर भी मौजूद है। अंतर्राष्ट्रीय ट्रैप शूटर सीमा तोमर ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि नाक की नस फटने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रकाशी तौमर पर बन चुकी है फिल्म
प्रकाशी तौमर की प्रसिद्धि और जीवन संघर्षों पर बॉलीवुड फिल्म 'सांड़ की आंख' भी बनी है जिसकी शूटिंग जौहड़ी गांव में ही हुई थी। अभिनेत्री तापसी पन्नू और भूमि पेडनेरकर ने बुजुर्ग शॉर्प शूटर प्रकाशों और चन्द्रो तोमर की भूमिका निभाई है। फिल्म को तुषार हीरानंदानी ने डायरेक्ट किया था। बता दें कि शूटर दादी प्रकाशी तोमर ने 60 साल की उम्र में पिस्टल थामी थी। दादी ने एक डीआईजी को हराकर दादी ने गोल्ड मैडल जीत लिया। अब तक वह देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। उन्हें ढेरों सम्मान मिल चुके हैं। उधर, जौहड़ी के अलावा जिले की सभी शूटिंग रेंज/एकेडमी पर निशानेबाजी का प्रशिक्षण ले रहे शूटर्स ने दादी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
पहले भी गंभीर रूप से बीमार हुई थीं प्रकाशी तोमर
91 साल की प्रकाशी तोमर पहले भी गंभीर रूप से बीमार पड़ चुकी हैं। 13 सितंबर 2023 को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई थी। जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत नोएडा के मेट्रो अस्पताल लेकर गए थे। वहां इलाज के दौरान स्वास्थ्य लाभ भी हो गया था, लेकिन इसके बाद उन्हें तेज बुखार आया था और बीपी भी डाउन हो गया था। जिसके बाद उन्हें नोएडा के ही मेट्रो अस्पताल में फिर से भर्ती कराया गया था।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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