
गंगा में नाव पर लात-घूंसे और लाठी-डंडे चले, बनारस का एक साथ दो खौफनाक वीडियो वायरल
वाराणसी में अस्सी घाट पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकिता गुप्ता के साथ हुई घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर छाई हुई है। इस बीच नए साल पर गंगा में नाव पर मारपीट के दो अलग-अलग स्थानों के दो वीडियो ने सनसनी मचा दी है।
देश की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली काशी के घाट अब आध्यात्मिक शांति के बजाय मारपीट और अपराध के अखाड़े बनते जा रहे हैं। यहां के मशहूर अस्सी घाट पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकिता गुप्ता के साथ हुई घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर छाई हुई है। इस बीच नए साल पर गंगा में नाव पर मारपीट के दो अलग-अलग स्थानों के दो वीडियो ने सनसनी मचा दी है। एक वीडियो तो यहां के सबसे प्रमुख दशाश्वमेध घाट का बताया जा रहा है। नाव पर लात-घूंसे के साथ ही लाठी-डंडे चल रहे हैं और लोग जान बचाने को इधर उधर भाग रहे हैं। नाव में महिलाएं और लड़कियां भी दिख रही हैं। भागने के दौरान एक युवक गंगा में भी गिरता दिख रहा है। दूसरा वीडियो अस्सी घाट के आगे सामने घाट का है। यहां करीब दो दर्जन लोग नाव की चप्पू और लाठी-डंडों के साथ घाट पर एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे हैं। दोनों वीडियो न केवल पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं, बल्कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैदी के दावों को भी झुठला रहे हैं।
वायरल हो रहे पहले वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बड़ी नाव पर सवार दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। नाव पर ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान नाव पर महिलाएं और बच्चे भी सवार थे। जो चीखते-चिल्लाते नजर आए। इस दौरान घाट से वीडियो बना रहे लोग भी हैरान दिखाई दिए और शोर मचाते हुए लोगों को बचाने की गुहार भी लगाते रहे। एक युवक नाव से भागने की कोशिश में गंगा में भी गिरता दिखाई दे रहा है। यह सब यहां से सबसे प्रमुख घाट कहे जाने वाले दशाश्वमेध का बताया जा रहा है।
वहीं, दूसरे वीडियो में नाव संचालन से जुड़े कुछ युवक एक-दूसरे को पानी में धक्का देते और चप्पू (पतवार) से हमला करने की कोशिश करते दिख रहे हैं। यह घटना उस समय की है जब घाटों पर नए साल की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। बताया जाता है कि सामनेघाट के जजेज गेस्ट हाउस के बगल में पक्का घाट पर नाव लगाने को लेकर शुक्रवार को जमकर मारपीट हुई। लाठी डंडा से हमले में तीन नामजद सहित 50 से 60 अज्ञात के खिलाफ लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
मारपीट को लेकर मदरवा निवासी गौतम साहनी ने तहरीर दी है। बताया कि घाट पर सवारी के इंतजार में शुक्रवार को कल्लू, रामचंद्र, सोमनाथ, रामानंद, विकास साहनी के साथ बैठे थे। रामनगर का बबलू साहनी आकर विवाद करने लगा। विरोध करने पर वह चला गया और कल्लू साहनी, मनोज साहनी समेत अन्य लोगों के साथ हमला किया।
पुलिस की सतर्कता पर खड़े हुए 'अहम' सवाल
अंकिता गुप्ता वाले मामले में पहले ही यह उजागर हो चुका है कि पुलिस ने किस तरह से लापरवाही बरती। एक पर्यटक की भी पुलिस ने नहीं सुनी। कमाल तो यह कि इसके बाद भी लापरवाही बरतने वाले पुलिस वालों पर कोई एक्शन भी नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस की लापरवाही बढ़नी तो तय ही है। अब नाव पर हुई एक नहीं दो स्थानों पर गुंडागर्दी ने सुरक्षा व्यवस्था की रही-सही साख भी दांव पर लगा दी है।
सवाल उठ रहा है कि गंगा की लहरों पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तैनात रहने वाली जल पुलिस कहां थी। उसने अब तक क्या कार्रवाई की है। नावों के बीच अक्सर सवारी बैठाने और वर्चस्व को लेकर विवाद होता है, जिसे स्थानीय पुलिस नजरअंदाज करती आ रही है। पुलिस वीडियो के आधार पर एक्शन का दावा तो कर रही है लेकिन साफ्टवेयर इंजीनियर अंकिता के साथ हुए कांड ने दावे की पोल पिछले हफ्ते ही खोली थी। मुंबई से बनारस घूमने आई अंकिता गुप्ता का मोबाइल लुटेरों ने छीन लिया था। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया तो अंकित खुद तकनीकी कौशल से लुटेरों के अड्डे तक पहुंच गई थी। अब ये वीडियो चीख-चीख कर कह रहे हैं कि काशी के घाटों पर पर्यटकों का अनुभव सुरक्षित नहीं रह गया है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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