बृजेश पाठक तुरंत इस्तीफा दें, ‘चोटी खींचना महापाप’ वाले डिप्टी सीएम के बयान पर शिवपाल ने कसा तंज
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्य होने के नाते पाप तो बृजेश पाठक को भी लगेगा। वह उसी पार्टी का हिस्सा हैं, मंत्रिमंडल में भी हैं। अगर उनको इतना ही बुरा लगा है तो इस्तीफा दे देना चाहिए। पाप तो उनको भी लगेगा क्योंकि उसी मंत्रिमंडल के वे भी सदस्य हैं।

प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद पर पिछले दिनों डिप्टी सीएम बृजेश पााठक ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। बृजेश पाठक ने कहा था कि चोटी नहीं खींचना चाहिए था। ये महापाप है। जिन लोगों ने चोटी को छुआ है उनको पाप लगेगा। कई बरस बाद भी बहुत पाप पड़ेगा। सब खाता-बही में लिखा जा रहा है। अब इस पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने तंज कसा है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्य होने के नाते पाप तो उनको (बृजेश पाठक) को भी लगेगा। उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
लखनऊ में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह (बृजेश पाठक) उसी पार्टी का हिस्सा हैं, मंत्रिमंडल में भी हैं। अगर उनको इतना ही बुरा लगा है तो उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। पाप तो उनको भी लगेगा क्योंकि उसी मंत्रिमंडल के वे भी सदस्य हैं। अपमान तो वहीं से हुआ है। तुरंत उनको इस्तीफा दे देना चाहिए।
हुआ क्या था शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ
बता दें कि प्रयागराज माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन 18 जनवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी पालकी पर सवार होकर संगम में स्नान करने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। इसके बाद पुलिस के अधिकारियों से उनकी जमकर बहस हुई थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें संगम में स्नान करने से रोका गया। बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींची गई। इस दौरान उन्होंने उन पुलिसकर्मियों की फोटो भी दिखाई थी जिन पर उन्होंने दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह सारी घटना प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल के सामने हुई थी। इस आरोप के बाद कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम मनीष वर्मा और पुलिस कमिश्ननर जोगिंदर कुमार ने सफाई भी दी थी। अधिकारियों का कहना था कि शंकराचार्य अपने रथ पर सवार थे और लगभग दो सौ अनुयायियों के साथ संगम पहुंचे थे। सुबह एक से 10 बजे के बीच जब संगम पर भारी भीड़ और कोहरा था, उस समय रथ के साथ प्रवेश करना सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक था। प्रशासन ने शंकराचार्य से पालकी से नीचे उतरकर पैदल जाने को कहा था। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुए। प्रशासन ने शंकराचार्य के अनुयायियों पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने और बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया था।
शंकराचार्य मुद्दे पर विधानसभा में यह बोले थे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 फरवरी को पहली बार शंकराचार्य विवाद पर चुप्पी तोड़ी थी। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान योगी ने कहा था कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता है। विद्वत परिषद के प्रमाण से ही व्यक्ति शंकराचार्य होता है। करीब 2 घंटे 13 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री ने सपा-कांग्रेस पर लगातार तंज कसे। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या कोई भी मुख्यमंत्री के तौर पर पूरे प्रदेश में घूम सकता है या मंत्री बनकर घूम सकता है। शंकराचार्य सनातन का सर्वोच्च पद है। प्रयागराज में माघ मेला था, मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु थे, कानून सबके लिए बराबर हैं। कोई भी उससे ऊपर नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री भी नहीं। आदि शंकराचार्य ने चार पीठ स्थापित की थीं। सबके अपने वेद हैं और सभी वेदों के मंत्र हैं। वेदों के ज्ञान के आधार पर विद्वत परिषद के प्रमाण से व्यक्ति शंकराचार्य होता है। हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शंकराचार्य हैं तो आपने (सपा सरकार) ने वर्ष 2015 में उन्हें क्यों पीटा था? एफआईआर क्यों कराई थी। निकासी द्वार जहां से श्रद्धालुओं को निकलना था, वहां खड़े होना भगदड़ की दावत थी।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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