
वे बड़े भाई जैसे, आजम खान और मोहिबुल्लाह नदवी की बयानबाजियों के बीच बोलीं सांसद रुचि वीरा
संक्षेप: सांसद रुचि वीरा ने आजम खान और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह के बीच कथित बयानबाज़ी को लेकर कहा कि पार्टी को भाजपा से लड़ना है, आपस में नहीं। आजम खान हमारे मार्गदर्शक हैं, पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। हम सभी उनका सम्मान करते हैं। विवाद खड़ा करने वालों को संयम बरतना चाहिए।
समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा रविवार को सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान के बेटे की रिसेप्शन पार्टी में शिरकत करने पहुंचीं। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा में चल रही अंतर्कलह की खबरों को सिरे से खारिज किया। आजम खान को बड़े भाई जैसा बताते हुए कहा कि हमें उनकी बातों को समझने की कोशिश करनी चाहिए, न कि उनकी बातों पर राजनीति करनी चाहिए।

सांसद रुचि वीरा ने आजम खान और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह के बीच कथित बयानबाज़ी को लेकर कहा कि पार्टी को भाजपा से लड़ना है, आपस में नहीं। आजम खां हमारे मार्गदर्शक हैं, पार्टी के संस्थापक सदस्य और बड़े नेता हैं। हम सभी उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग आजम खां की बातों को लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं, उन्हें संयम बरतना चाहिए।
अगर उन्होंने कुछ कहा भी है, तो पार्टी के छोटे नेताओं को उस पर जवाबी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। आजम द्वारा मोहिबुल्लाह को न पहचानने संबंधी सवाल पर रुचि वीरा ने तर्क दिया कि वो अभी जेल से बाहर आए हैं। जेल में न टीवी होता है, न मोबाइल। ऐसे में अगर वह किसी को पहचान नहीं पा रहे हैं, तो उसे गलत नहीं माना जाना चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष से साझा करें शिकायत
आजम पर दर्ज 114 मुकदमों को लेकर सवाल पूछा गया तो रुचि वीरा ने दो टूक कहा कि जब कोई व्यक्ति इतने संकटों से गुजर रहा हो, तो उसके अपने लोगों को संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए। पार्टी नेताओं को सलाह दी कि अगर किसी को कोई शिकायत है तो खुलकर मीडिया या मंच से कहने की बजाय उसे राष्ट्रीय अध्यक्ष से साझा करें। मायावती द्वारा भाजपा की तारीफ किए जाने पर सांसद ने तीखा तंज कसते हुए कहा, अगर वो भाजपा की तारीफ कर रही हैं, तो जनता खुद समझ सकती है कि उनकी मंशा क्या है।





