मेले में ही रहूंगा लेकिन शिविर में नहीं करूंगा प्रवेश, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इस मांग पर अड़े

Jan 20, 2026 01:40 pm ISTAjay Singh प्रमुख संवाददाता, प्रयागराज
share

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वह माघ मेला में रहेंगे लेकिन अपने शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे। यह भी कहा कि वह न तो धरना पर बैठे हैं न ही अनशन कर रहे हैं, वह वहीं बैठे हैं जहां स्नान के लिए जाने से रोकने के बाद प्रशासन ने उन्हें छोड़ा था। 

मेले में ही रहूंगा लेकिन शिविर में नहीं करूंगा प्रवेश, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इस मांग पर अड़े

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वह माघ मेला में रहेंगे लेकिन अपने शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे। यह भी स्पष्ट किया कि वह न तो धरना पर बैठे हैं न ही अनशन कर रहे हैं, वह वहीं बैठे हैं जहां स्नान के लिए जाने से रोकने के बाद प्रशासन ने उन्हें छोड़ा था। बीच का रास्ता क्या हो सकता है? सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने अपराध के लिए क्षमा याचना करे और ससम्मान ले जाकर संगम स्नान कराए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में भी वह मेला में तो आएंगे पर शिविर में नहीं जाएंगे। उन्होंने शंकराचार्यों और वैष्णव अखाड़ों के संगम स्नान के लिए कॉरिडोर बनाने की मांग भी की।

बैरिकेडिंग तोड़ने के सवाल पर कहा कि बैरिकेडिंग उनके शिष्यों ने नहीं तोड़ी बल्कि उन्हें स्नान के लिए ले जा रहे सरकारी कर्मचारियों ने खुलवाया था। उन्होंने प्रशासन ने बैरिकेडिंग तोड़ने का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की। पालकी से जाने की अनुमति के मसले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि संगम स्नान के लिए इसकी जरूरत नहीं होती है। मौनी अमावस्या स्नान की सूचना तीन दिन पहले दी गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस उनके 35 शिष्यों को लेकर थाने गई, जहां उनकी पिटाई की गई। इसका चित्र दिखाते हुए उन्होंने कहा कि उनके प्रमुख शिष्य मुकुंदानंद गिरि सहित 12 लोगों को चोटें आई हैं, तीन अस्पताल में भर्ती हुए। प्रशासन हमारा मुकदमा दर्ज नहीं करेगा इसलिए सभी घायलों का मेडिकल करवाकर ई-मेल के जरिए तहरीर भेजी गई है। राजनीतिक दल के नेताओं का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि ये अपने फायदे के लिए ट्वीट कर रहे हैं जबकि गौरक्षा को लेकर मौन रहते हैं।

हम हैं ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य

शंकराचार्य की मान्यता को लेकर उठ रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासन शंकराचार्य नहीं तय करता है। शंकराचार्य वो है, जिसे बाकी तीन पीठ के शंकराचार्य मान्यता दें। तीन में दो पीठ के शंकराचार्य हमको शंकराचार्य कहते हैं, पिछले माघ मेला में हमको साथ लेकर स्नान कर चुके हैं। एक ने हमें मौन स्वीकृति दी है।

प्रशासन ने क्या कहा?

मेला प्राधिकरण के आईसीसीसी सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में अफसरों ने स्पष्ट किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से नहीं रोका गया था, यह भ्रम फैलाया जा रहा है। उनसे वाहन से उतरकर स्नान के लिए पैदल जाने का अनुरोध किया गया था। तीन घंटे तक लगातार आग्रह करने के बाद भी वह अपनी जिद पर अड़े रहे। बिना अनुमति के मौनी अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि मौनी अमावस्या से एक दिन पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दो वाहनों की अनुमति मांगी थी लेकिन मेला प्रशासन ने अत्यधिक भीड़ व सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रोटोकॉल उपलब्ध कराने से मना कर दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पालकी पर सवार होकर संगम नोज के करीब तक पहुंच गए। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि पीपा पुल नंबर दो को एक दिन पहले से बंद रखा गया था।

एएसपी कल्पवासी थाना प्रभारी ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों ने बैरिकेड तोड़ दिया। सीसीटीवी फुटेज के साक्ष्य के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। साधु-संतों की पिटाई के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि मौनी स्नान पर्व पर किसी तरह के वाहन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं, डीएम मनीष वर्मा ने कहा कि मौनी अमावस्या पर 4.52 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा प्राथमिकता थी। मेला से लेकर शहर में भी हर जगह सुरक्षा के इंतजाम थे। इसी कड़ी में अविमुक्तेश्वरानंद को वाहन लेकर संगम नोज तक जाने से रोका गया था। ताकि किसी तरह की भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो सके।

अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य का प्रोटोकॉल नहीं: मेलाधिकारी

मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्तूबर 2022 को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य के तहत प्रोटोकॉल देने पर रोक लगाने का आदेश दिया है। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए मेला में उन्हें शंकराचार्य ज्योतिषपीठ नहीं बल्कि बद्रिका आश्रम सेवा शिविर के नाम पर जमीन आवंटित की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान अफसर अविमुक्तेश्वरानंद को स्वामी के नाम से ही संबोधित करते रहे।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result, UP Board 10th Result, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।