
किसानों को नैनो उर्वरक के फायदें बनाए
Shamli News - शामली में कृषि विभाग और इफको द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि प्रमोद कुमार ने जैविक खेती और रासायनिक उर्वरकों की सब्सिडी के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को उर्वरकों के असंतुलित उपयोग के दुष्प्रभावों और मिट्टी की गुणवत्ता पर इसके प्रभाव के बारे में जागरूक किया।
कृषि में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जनपद शामली में कृषि विभाग एवं इफको सहकारी उर्वरक प्रदायकर्ता संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार ने उपस्थित कर्मचारियों को जैविक खेती के महत्व और रासायनिक उर्वरकों पर दी जा रही सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान्य फसलों में जहां एक एकड़ के लिए दो से तीन बोरी उर्वरक पर्याप्त होती है, वहीं किसान चार से पांच बोरी यूरिया प्रति एकड़ का उपयोग कर रहे हैं। इससे मिट्टी की अम्लीयता बढ़ रही है और कार्बनिक तत्वों की कमी हो रही है, जिसका सीधा असर फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ता है।
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने पीएम प्रणाम योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का असंतुलित उपयोग भूमि की उर्वरता को धीरे-धीरे नष्ट कर रहा है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना आवश्यक है। इफको के उप क्षेत्र प्रबंधक विवेक सिंह ने नैनो उर्वरकों से संबंधित तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के लाभ बताये। इस अवसर पर इफको की ओर से एसएफए शिवम कुमार एवं कपिल कुमार ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता की।

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