जिले में नही हो रही थायराईड की जांच, मरीजों को झेलना पड रहा आर्थिक बोझ
Shamli News - जिले के सरकारी अस्पतालों में थायराइड की जांच की सुविधा न होने से मरीज प्राइवेट लैब का सहारा लेने को मजबूर हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेन्द्र कुमार ने प्रशासन से जिला अस्पताल और सीएचसी पर थायराइड जांच शुरू करने की मांग की है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

जिले के सरकारी अस्पतालों में थायराइड की जांच की सुविधा न होने से मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शामली सीएचसी में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेन्द्र कुमार ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए शासन-प्रशासन से मांग की है कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए जिला अस्पताल और जिले की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर थायराइड की जांच शुरू कराई जाए। उन्होंने कहा कि आज के समय में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर महिलाओं में इसके मामले अधिक सामने आ रहे हैं।
जिस कारण महिलाओं के गर्भ में पल रहें बच्चें को भी खतरा बना रहता है। जिसके लिए कई बार सीएमओ को भी कई बार कहा जा चुका है, लेकिन जिले के सरकारी अस्पतालों में जांच की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को प्राइवेट लैब में महंगी जांच करानी पड़ रही है। डॉ. विजेन्द्र कुमर ने बताया कि यदि जिला अस्पताल और सभी सीएचसी पर थायराइड जांच की सुविधा शुरू कर दी जाए तो गरीब और जरूरतमंद मरीजों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही बीमारी की समय पर पहचान होने से मरीजों का उपचार भी जल्दी शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने शासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाने की मांग की है, ताकि जिले के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही थायराइड जांच की सुविधा मिल सके।
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