Shamli News: शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन प्रथम शिवलिंग की स्थापना का वर्णन
Shamli News: शामली में श्री राम कथा सेवा समिति द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा और पहले शिवलिंग की स्थापना का वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने पूजा में भाग लिया और भगवान शिव के नाम का जाप करने की प्रेरणा प्राप्त की।

Shamli News: शामली। श्री राम कथा सेवा समिति शामली के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा व्यास परम श्रद्धेय मृदुल कांत शास्त्री वृंदावन ने भगवान शिव की महिमा और प्रथम शिवलिंग की स्थापना का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव ने माता पार्वती को सर्वप्रथम कथा सुनाई थी। उन्होंने प्रथम शिवलिंग की स्थापना के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि सर्वप्रथम अग्निनेश्वर शिवलिंग की स्थापना की गई थी। उन्होंने अरुणाचल पर्वत की महिमा बताते हुए कहा कि शिव भक्त यहां उसी प्रकार परिक्रमा करते हैं, जैसे वृंदावन में गोवर्धन की परिक्रमा की जाती है।
अरुणाचल को शिव का स्वरूप माना गया है और यहां जप, तप व पूजा करने का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग के प्रकट होने की मान्यता है। भगवान शिव का मूल मंत्र ओम नमः शिवाय’ है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन में कल्याण होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के नाम और मंत्र को जीवन में धारण करने का आह्वान किया। इससे पूर्व प्रातःकाल महारुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इसमें चेयरमैन अरविंद संगल और पत्नी मीनू संगल यजमान रहे। महारुद्राभिषेक में 22 परिवारों ने भाग लिया। श्रद्धेय मृदुल कांत शास्त्री एवं विद्वान आचार्यों ने विधि-विधान से अभिषेक कराया। कथा के यजमान कृष्ण पाल मलिक एवं रामकिशोर मंगल सपरिवार रहे। कार्यक्रम का संचालन विपिन मित्तल मोनू ने किया। कथा के उपरांत महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर अनुज गर्ग, सविता गर्ग, सुभाष कश्यप, रितेश गोयल, दीपक गर्ग, पंकज गर्ग, सचिन मित्तल, विनीत, नंद किशोर मंगल, डॉ. मनोज, अजय मित्तल, हरीश अग्रवाल, संजीव, योगेश मित्तल, संजय मित्तल, मनोज गर्ग, कृष्ण पाल मलिक मौजूद रहे।


