Shamli News: बेलपत्र अर्पित करने से होती है शिव कृपा, भस्म का भी विशेष महत्व- मृदुल कांत शास्त्री
Shamli News: श्री राम कथा सेवा समिति शामली द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिन कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने बेलपत्र, भस्म और रुद्राक्ष के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव की पूजा में इन सभी का विशेष स्थान है और श्रद्धालुओं को इनका सही तरीके से उपयोग करने की जानकारी दी गई।

Shamli News: श्री राम कथा सेवा समिति शामली की ओर से आयोजित शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस वृंदावन से पधारे कथा व्यास परम श्रद्धेय मृदुल कांत शास्त्री ने शिव महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को बेलपत्र, भस्म और रुद्राक्ष के महत्व की जानकारी दी। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव की पूजा का सभी को पूर्ण अधिकार है। कोई भी व्यक्ति शिवलिंग की पूजा कर सकता है। शिव महापुराण में बेलपत्र को भगवान शिव का प्रिय बताया गया है। भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने वाले भक्त पर उनकी कृपा बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि बेलपत्र ब्रह्म के स्वरूप का प्रतीक है और इसे भगवान शिव को अर्पित करने से पापों का नाश होता है तथा जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। बेल के वृक्ष के समीप दीपक जलाने का भी विशेष महत्व बताया गया। उन्होंने भस्म की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान शिव के पूजन और अभिषेक में भस्म का विशेष महत्व है। महाकाल की आरती में भस्म आरती का विशेष स्थान है। भगवान शिव का चिता की भस्म से स्नान करना उनके वैराग्य और संसार की नश्वरता का संदेश देता है। कथा व्यास ने रुद्राक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रुद्राक्ष भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। एक मुखी से लेकर चौदह मुखी तक विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष बताए गए हैं और सभी की अपनी अलग महिमा एवं मान्यता है।उन्होंने कहा कि श्रद्धा के साथ रुद्राक्ष धारण करने से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। कथा के दौरान नारद मुनि के जीवन से जुड़े प्रसंग का भी वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि कामदेव पर विजय प्राप्त करने के बाद नारद मुनि के मन में अहंकार उत्पन्न हो गया था। उन्होंने अपनी विजय का वर्णन ब्रह्मा, भगवान शिव और भगवान विष्णु के समक्ष किया। भगवान विष्णु ने नारद के मन में उत्पन्न अहंकार को दूर कर उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिए लीला की। कथा के दौरान वृंदावन से आए विष्णु शर्मा, कैलाश गंधर्व, सत्यम, अमन और सोनू-गोपाल ने भजनों की प्रस्तुति दी। कथा के यजमान सचिन मित्तल, शालिनी मित्तल, योगेश मित्तल, मीनाक्षी मित्तल, अनिका मित्तल एवं अमेरा मित्तल, रितेश गोयल, नंद किशोर मंगल, गिरधारी लाल नारंग, सुरेंद्र बंसल, संदीप विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।


