बरसात व ओलावृष्टि से गेहूं फसल के साथ फलों को भी भारी नुकसान
Shamli News - कांधला में अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि ने फल उत्पादकों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। लोकाट, लीची और आम की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान इस प्राकृतिक आपदा से परेशान हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मौसम विभाग ने आगे और बारिश की संभावना जताई है।
कांधला। नगर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक हुई तेज बरसात और ओलावृष्टि ने फल उत्पादकों की रातोंरात मेहनत पर पानी फेर दिया है। लोकाट, लीची, आम और अन्य फलों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान इस प्राकृतिक आपदा से बेहद परेशान हैं। बागवानी करने वाले लोगों का कहना है की मौसम परिवर्तन होता रहा तो फलों के उत्पादन में कमी आएगी। बीते दिनों कांधला कस्बे में रात के समय तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हुई, जिसके साथ ओले भी गिरे। ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर लोकाट के बागानों पर पड़ा। नाजुक लोकाट के गुच्छे टूटकर जमीन पर बिखर गए, जबकि कई पेड़ों की शाखाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
किसानों का कहना है कि लोकाट की फसल इस मौसम में पकने की कगार पर थी, लेकिन ओलों ने बड़े पैमाने पर नुकसान कर दिया। बताया, “साल भर की मेहनत बर्बाद हो गई। लोकाट के गुच्छे ओलों से कुचल गए, अब बाजार में ले जाने लायक फल नहीं बचे।” आम की कोहर पर भी बरसात और ओलावृष्टि का बुरा असर देखा गया। कोहर अभी विकास के शुरुआती चरण में थे, लेकिन तेज बारिश और ओलों से कई कोहर गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए। इससे आम की पैदावार में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी आने की आशंका जताई जा रही है। फल उत्पादक राजकुमार ने चिंता जताते हुए कहा, “कोहर पर पानी का असर पड़ने से फल सड़ने या छोटे रह जाने का खतरा बढ़ गया है। अगर यही हाल रहा तो इस साल आम की अच्छी आमदनी की उम्मीद धरी की धरी रह जाएगी। स्थानीय कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से न केवल फलों की फसलें प्रभावित हुई हैं, बल्कि नमी बढ़ने से कीटों और बीमारियों का भी खतरा मंडरा रहा है। कांधला के कई गांवों जैसे आसपास के बागानों में किसान खेतों में घूम-घूमकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। फल उत्पादकों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि लीची, लोकाट और आम उनकी मुख्य आय का साधन हैं। इस क्षेत्र में सैकड़ों किसान इन फसलों पर निर्भर हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अगले सीजन की तैयारी कर सकें। इस घटना ने पूरे कांधला नगर क्षेत्र में किसानों के बीच मायूसी फैला दी है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है, जिससे फल उत्पादकों की परेशानी और बढ़ गई है। किसान अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनकी मदद करेगी और आगे ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी।
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