शासन को भेजी जायेगी निर्माण कार्यों में करोड़ों के गड़बड़झाले की जांच रिपोर्ट
Shamli News - स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के निर्माण कार्यों में गडबड़झाले की जांच में भारी तकनीकी एवं वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। इसमें कई अफसरों, जैसे सीएमओ, की जांच की जा रही है। डीएम की ओर से रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जा रही है, जो इसे शासन को सौंपेगा। जांच में नियमों का उल्लंघन स्पष्ट हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग में निर्माण कार्यों में करोड़ों के गडबड़झाले की जांच भारी तकनीकी एवं वित्तीय अनियमिताओं की पुष्टि हो गयी है। इसमें सीएमओ समेत उन कई अफसर जांच के दायरे में फंसे है। जिन संबंधित पीएचसी, सीएचसी अथवा अन्य ईकाइयों में निर्माण कराया गया उन प्रभारी चिकित्सकों की भी जवाबदेही बनती है। डीएम के द्वारा जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जा रही है। मंडलायुक्त द्वारा रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी। शासन स्तर से इस पर फैसला लिया जायेगा, लेकिन इसमें टीएससी की जांच भी अहम होगी। सहारनपुर जनपद के रामपुर मनिहारन विधानसभा से भाजपा विधायक देवेंद्र निम की शामली में स्वास्थ्य विभाग में कराए गए निर्माण कार्यों में गड़बड़झाले की एक जांच करीब छह माह बाद पूरी हुई है जबिक टीएससी की जांच पूरी होना अभी बाकी है।
विधानसभा तक मामला पहुंचने पर शामली डीएम द्वारा सीडीओ विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जा रही है। इस जांच में यह साफ हो गया है कि करीब पांच करोड़ के निर्माण कार्यों में नियमों का पालन नहीं किया गया। बिन टेंडर के ही करोड़ों के निर्माण कार्य वर्कआर्डर के आधार पर करा दिए गए। सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि 50 लाख रुपये के निर्माण कार्यों के टेंडर किए गए। जबकि अन्य करोड़ों के कार्य वर्कआर्डर के आधार पर ही कराए जाते रहे है। यह भी साफ नहीं किया गया उक्त कार्यों का निर्धारित दायरा कितना है। यानि सीएचसी में निर्माण कार्य कराया गया लेकिन, सीएचसी अथवा इकाइयों में किस कमरे अथवा स्थान पर कराया गया यह साफ नहीं है। डीएम द्वारा जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी।मंडलायुक्त इस रिपोर्ट को शासन को भेजेंगे। शासन द्वारा रिपोर्ट विधानसभा सचिव को भेजी जायेगी। विधानसभा से रिपोर्ट शिकायकर्ता विधायक देवेंद्र निम को उपलबध करायी जायेगी। शासन स्तर से ही इस जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही की जायेगी लेकिन इससे पहले राजस्व के दुरुपयोग का आंकलन भी किया जायेगा। इसके लिए शासन स्तर से टीएससी टीम भी गठित की जा सकती है।
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