भाकियू सेवक ने एनईपी-2026 के जातीय प्रावधानों का किया विरोध

Jan 27, 2026 07:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, शामली
share Share
Follow Us on

Shamli News - भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, जिसमें एनईपी-2026 के जातीय प्रावधानों का विरोध किया। उन्होंने इसे शिक्षा, सामाजिक समरसता और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक बताया। जाति आधारित व्यवस्था से विद्यालयों में विभाजन और मानसिक उत्पीड़न की आशंका जताई गई।

भाकियू सेवक ने एनईपी-2026 के जातीय प्रावधानों का किया विरोध

भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन शामली तहसील में सौंपा। ज्ञापन में प्रस्तावित एनईपी-2026 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) में शामिल जातीय प्रावधानों का विरोध करते हुए इसे देश की शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक समरसता एवं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक बताया गया। ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित नीति में जाति आधारित प्रावधानों से विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सामाजिक विभाजन बढ़ेगा। शैक्षणिक संस्थान ऐसे स्थान हैं, जहां विभिन्न समुदायों के छात्र समानता, सहयोग और आपसी समझ के साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन जाति आधारित व्यवस्था से बच्चों को अलग-अलग समूहों में बांटने की आशंका है, जिससे मानसिक द्वेष, गुटबाजी और प्रतिस्पर्धात्मक कटुता बढ़ सकती है।

आशंका जताई कि इस नीति से सामान्य वर्ग के बच्चों के साथ संभावित अन्याय एवं मानसिक उत्पीड़न की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बच्चों में अनावश्यक अपराध-बोध, भेदभाव और अलगाव की भावना पनप सकती है, जबकि शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर और मानसिक विकास होना चाहिए, न कि भेदभाव। शिक्षा का राजनीतिकरण होने से शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट का खतरा है। जाति आधारित निर्णयों से विश्वविद्यालयों का अकादमिक स्तर प्रभावित हो सकता है और राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ सकता है, जिससे भारत की वैश्विक शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी। भाकियू सेवक ने चेतावनी दी कि यदि बच्चों को प्रारंभ से ही जाति आधारित समूहों में बांटा गया, तो इससे राष्ट्रीय सामाजिक एकता को स्थायी नुकसान पहुंचेगा और आने वाले दशकों तक सामाजिक संघर्ष की संभावनाएं बढ़ सकती हैं, जो देश की अखंडता और सामूहिक प्रगति के लिए घातक होगा। इस अवसर पर प्रशांत राणा, अजमल, अरशद, अंकित कुमार, रामनिवास, सोमपाल आदि मौजूद रहे।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;
;