कैराना में अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने ज्ञापन सौंपा
Shamli News - भारतीय किसान संगठन ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का कड़ा विरोध किया है। संगठन का कहना है कि इस समझौते से भारतीय किसानों को नुकसान होगा और यह उनकी आजीविका के लिए खतरा बन सकता है। ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को भेजा गया है जिसमें शून्य आयात शुल्क पर कृषि उत्पादों के प्रवेश का विरोध किया गया है।
भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में भारतीय किसान संगठन ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इस समझौते से किसानों को नुकसान बताया है। इस बाबत एसडीएम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा गया है। गुरुवार को भारतीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी प्रदीप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील में एसडीएम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को बिना आयात शुल्क के भारतीय बाजार में प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे देश के किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
संगठन का कहना है कि इससे भारतीय कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान संगठन ने प्रधानमंत्री द्वारा 15 अगस्त 2025 को लाल किले से दिए गए उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें किसानों के हितों की रक्षा की बात कही गई थी। संगठन का कहना है कि इसके बावजूद अमेरिका से शून्य आयात शुल्क पर कृषि उत्पाद स्वीकार करना किसानों के हितों के विपरीत है। ज्ञापन में बताया गया कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है और ऐसे में यह समझौता किसानों की आजीविका के लिए खतरा बन सकता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि समझौते के तहत भारत को हर वर्ष अमेरिका से लगभग 103 अरब डॉलर मूल्य के भारी भरकम सामान की खरीद करनी पड़ सकती है, जो देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा। उन्होंने इस व्यापार समझौते पर रोक लगाने की मांग की है। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव चौ. मदनपाल प्रधान, जिलाध्यक्ष डॉ. सत्यपाल सिंह कश्यप आदि मौजूद रहे।
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