दहेज हत्या में दोषी पति को दस वर्ष कारावास की सजा
Shamli News - दहेज में स्विफ्ट कार की मांग पूरी न होने पर पति आबिद ने पत्नी संजिला की हत्या कर दी। मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आबिद को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य चार आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।

दहेज में स्विफ्ट कार की मांग पूरी न होने पर पत्नी की गला घोटकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र धीरयान ने बताया कि सहारनपुर जिले के थाना फतेहपुर क्षेत्र के गांव बेहड़ा खेड़ निवासी गुलशेर अहमद ने थानाभवन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन संजिला की शादी 12 नवंबर 2017 को हसनपुर लुहारी निवासी आबिद के साथ हुई थी।
आरोप था कि शादी के बाद आबिद, उसका जेठ जाहिद, देवर शाहिद, जेठानी फातिमा और ससुर सईद लगातार दहेज में स्विफ्ट कार की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर 9 फरवरी 2018 को आरोपियों ने संजिला के गले में फंदा डालकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण गला घुटने से सांस रुकना बताया गया था।पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ऋतु नागर ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद मृतका के पति आबिद को दोषी ठहराते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, साक्ष्यों के अभाव में जेठ जाहिद, देवर शाहिद, जेठानी फातिमा और ससुर सईद को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है।
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