
झिंझाना में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन
Shamli News - झिंझाना में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्ति का माहौल बना रहा। कथा वाचक पंडित द्वारिका प्रसाद एवं पंडित हर्षमणि रतौड़ी ने महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया। हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।
झिंझाना। कस्बे के जगदंबा रोड पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के सातवें एवं अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति-भाव से सराबोर रहा। शनिवार को कथा के दौरान कथा वाचक पंडित द्वारिका प्रसाद एवं पंडित हर्षमणि रतौड़ी ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा देवकी-वसुदेव के पुत्रों को वापस लाने की लीला, ऋषि भृगु द्वारा देवताओं की परीक्षा लेने का प्रसंग तथा राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्ति के उपरांत कथा समापन का मार्मिक वर्णन किया। इन प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पंडाल में जयकारों की गूंज सुनाई दी।कथा
समापन के उपरांत विधिविधान से हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पंडित द्वारिका प्रसाद एवं पंडित हर्षमणि रतौड़ी यजमान रहे।पंडित वीरेंद्रदत्त सेमवाल द्वारा हवन-पूजन संपन्न कराया गया। हवन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।इस धार्मिक आयोजन में कस्बे के अनेक गणमान्य नागरिकों ने सहयोग प्रदान किया। प्रमुख रूप से मनोज मित्तल, शिवम रुहेल्ला, ललित शर्मा, अर्पित संगल, बोबी, पंकज, महेंद्र शर्मा, हितकर मित्तल, आलोक शर्मा, वासुदेव शर्मा, हरीओम वर्मा सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है।

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