Shamli News: वेतन भुगतान की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन समाप्त
Shamli News: झिंझाना में संविदा कर्मचारियों ने तीन दिन तक धरना दिया और वेतन भुगतान की मांग की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन लगभग एक साल से लंबित है। तहसीलदार के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। एसडीओ ने बताया कि कई महीनों का भुगतान रुका हुआ है और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

Shamli News: झिंझाना। कैरटू स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों का तीन दिन से चल रहा धरना शनिवार को तहसीलदार के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। कर्मचारियों ने करीब एक साल से वेतन लंबित होने का आरोप लगाते हुए बिजलीघर परिसर में प्रदर्शन किया। तहसीलदार ऊन ललिता शर्मा को ज्ञापन देकर संविदा कर्मचारी अमित कुमार और सनोद कुमार ने बताया कि वे लंबे समय से कैरटू बिजलीघर पर ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समय से वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार वेतन भुगतान को लेकर संबंधित अधिकारियों और एमएस मैहर एंटरप्राइजेज को कई बार व्हाट्सऐप के माध्यम से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि संविदा कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो जिलेभर के संविदा कर्मचारी एकजुट होकर कार्य बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे। तहसीलदार ने जल्द समाधान का आश्वासन देते हुए सोमवार को सभी संविदा कर्मचारियों को तहसील में बुलाया। धरने में जिला उपाध्यक्ष बिजेंद्र, शाहनवाज राणा, रामू चौहान, बाबू, राजीव, बुधप्रकाश, सागर, बिट्टू, प्रमोद, बिजेंद्र मौजूद रहे.
कई माह का भुगतान है लंबित- एसडीओ
एसडीओ जितेंद्र सिंह झिंझाना ने बताया कि नेट टेक्नोलॉजी लागू होने के बाद एफएसएल के माध्यम से दर्ज उपस्थिति के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर का भुगतान रुका हुआ है, जबकि जनवरी और फरवरी 2026 का भुगतान हो चुका है। अप्रैल से जून तक का भुगतान भी लंबित बताया गया है। जिन कर्मचारियों की आधिकारिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी है, उनका भुगतान भी रुका हुआ है। इस संबंध में पत्र उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।


