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3 अगस्त, 2020|10:48|IST

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48 घंटे बाद रूका झील का टूटा तटबंध

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बरसात में मामौर झील के ओवरफ्लो होकर टूटने से कई परिवारों की जिंदगी मुसीबत में नजर आई, तो प्रशासन की भी नींद टूट गई। प्रशासन ने करीब 48 घंटे बाद पानी की रोकथाम करा दी है। झील के टूटे हुए तटबंध को मिट्टी से भरे प्लास्टिक के कट्टों से रूकवा दिया गया है। इससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिल गई है लेकिन अभी जलभराव से पूरी तरह निजात नहीं मिल पाई है। दो दिन पूर्व मामौर गांव में झील बरसात के कारण ओवरफ्लो होकर टूट गई थी, जिसमें किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। गांव के बाहरी छोर पर बने आधा दर्जन से अधिक मकानों को भी पानी ने अपने आगोश में ले लिया था। इनमेंमुनव्वर, तसव्वुर, सरवर, अय्यूब, तैय्यब आदि के मकानों की चारदीवारी, मवेशियों का बरामदा व शौचालय भी धराशायी हो गए थे, जबकि मकानों की नींव को खतरा पैदा हो गया था। इस मामले में प्रशासन की ओर से पानी की रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा था, जिसे लेकर लोगों की चिंता और बढ़ती जा रही थी, क्योंकि पानी लगातार मकानों की ओर भरता जा रहा था। गत दिवस एसडीएम ने भी झील का निरीक्षण किया था, लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई थी। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी के निर्देश पर तहसीलदार प्रवीण कुमार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामौर झील के टूटे हुए तटबंध को मिट्टी से भरे हुए प्लास्टिक के कट्टों से रूकवा दिया है। इससे लोगों ने भी कुछ राहत महसूस की है।जलभराव से नहीं मिली निजातप्रशासन ने भले ही मामौर झील के पानी की रोकथाम करा दी हों, लेकिन जलभराव की समस्या से अभी निजात नहीं मिल पाई है। उपरोक्त घरों के आसपास जलभराव की समस्या अभी बरकरार है। पानी निकालने का कोई माध्यम इन लोगों के पास में नहीं हैं। यदि पानी यूं ही मकानों के आसपास भरा रहा, तो मकानों की नींव कमजोर भी पड़ सकती है। इसलिए लोगों ने टुल्लू पंप या अन्य किसी माध्यम से पानी निकलवाए जाने की गुहार लगाई है।नुकसान के आंकलन को लगी टीमझील से किसानों की फसलों को ही नहीं, बल्कि कई मकानों में भी नुकसान हुआ है। इसी को लेकर प्रशासन की ओर से राजस्व टीम को लगाया गया है। टीम द्वारा नुकसान के आंकलन पर आधारित रिपोर्ट बनाई जा रही है, ताकि प्रशासन को सौंपी जा सके।कोट---मामौर झील के पानी की रोकथाम करा दी गई है। नुकसान के आंकलन के लिए भी टीम को लगाया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद नुकसान के बारे में कुछ कहा जाएगा।- प्रवीण कुमार- तहसीलदार कैराना

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  • Web Title:Broken embankment of stopped lake after 48 hours