
लीड... बसंत पंचमी पर ढाई घाट रामनगरिया मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
Shahjahnpur News - सबहेड:: गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना कर लोगों ने किया दान-पुण्य, बच्चों ने मेले में खरीदारी का लिया आनंद, झूले पर भी उमड़ी भीड़फोटो परिचय 14:: ढाई घाट मेले मे शोभा यात्रा निकालते साधु-संत।फोटो15:: बसंत...
सबहेड:: गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना कर लोगों ने किया दान-पुण्य, बच्चों ने मेले में खरीदारी का लिया आनंद, झूले पर भी उमड़ी भीड़ फोटो परिचय 14:: ढाई घाट मेले मे शोभा यात्रा निकालते साधु-संत। फोटो15:: बसंत पंचमी पर गंगा स्नान करते श्रद्वालु। मिर्जापुर, संवाददाता। ढाई घाट गंगा तट पर चल रहे ऐतिहासिक रामनगरिया मेले में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज के गांवों व कस्बों से श्रद्धालु ट्रैक्टर, ई-रिक्शा, बाइक और कारों से गंगा स्नान के लिए पहुंचे। भोर होते ही घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धा, भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया।
चारों ओर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष गूंजते रहे। शुक्रवार को बसन्त पंचमी के पर्व पर कल्पवासियों व श्रद्वालुओं ने भोर की पहली किरण के साथ ही गंगा स्नान शुरू कर दिया। श्रद्वालुओं ने स्नान के बाद घाट पर ही सत्यनारायण की कथा सुन पंङे पुजारियों को दान पुण्य किया। बङ़ी संख्या मे श्रद्वालुओं ने गंगा मां का वस्त्रो से श्रृंगार किया। दूर दराज से आए हजारों श्रद्वालुओं का रेला गंगा तट पर स्नान के लिए शाम तक उमङ़ता रहा। सभी घाट श्रद्वालुओं की भीङ़ से भरे नजर आए। घाटों पर स्टीमर चालकों की सहायता से श्रद्धालुओं ने गंगा मां की विधिवत पहनोनी कर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य लाभ अर्जित किया। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे पूरे उत्साह व श्रद्धा के साथ स्नान करते नजर आए। जगह-जगह पूजा-अर्चना, हवन और मंत्रोच्चारण होता रहा, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा माता की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। मेला परिसर में भक्ति कथा, प्रवचन और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनियां गूंजती रहीं। संतों और कथावाचकों के प्रवचनों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर, भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अस्थायी दुकानों और बाजारों में भी दिनभर चहल-पहल बनी रही। बसंत पंचमी के अवसर पर साधु-संतों द्वारा भगवान की भव्य पालकी सजाकर शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे मेले की परिक्रमा की। इस दौरान साधु-संत एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाकर बसंत ऋतु का पारंपरिक स्वागत करते नजर आए। शोभायात्रा में दर्जनों साधु-संत हाथों में तलवार और भाले लेकर करतब दिखाते हुए चल रहे थे, जबकि कई संत धर्म ध्वजाएं थामे पालकी के साथ आगे बढ़ते रहे। पालकी शोभायात्रा में सखी बाबा का नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।

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