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वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है : आचार्य विजय

आचार्य विजय देव ने कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है, वेद का पढ़ना और सुनना सभी श्रेष्ठ मनुष्यों का परम धर्म है।आर्य समाज शंकरपुर पिटरहाई के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आचार्य देव ने कहा कि वेद आदि सृष्टि के मूल ग्रंथ हैं। वेदों में संपूर्ण जीवन दर्शन तथा समग्र ज्ञान-विज्ञान समाहित है। हम सभी को चाहिए कि हम वेद का पठन-पाठन करें और उसके अनुसार अपने जीवन को उन्नतशील बनाएं। आचार्य चंदन मित्र ने कहा कि मनुष्य जिस परिवेश में रहेगा वैसे ही उसके विचार रहन-सहन तथा खान-पान होगा इसलिए सभी मनुष्यों को उचित है कि वह स्वाध्यायशील वने व अच्छे ग्रंथों का पठन-पाठन करें। स्वामी क्षमानंद सरस्वती ने कहा कि समाज सुधारक के रूप में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती हमेशा याद किए जाएंगे। स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेदो का प्रचार प्रसार करके समाज के लोगों पर बहुत बड़ा उपकार किया है। लोगों को वेद मार्ग पर चलकर जीवन को समुन्नत बनाना चाहिए।इस दौरान रामअवतार शर्मा, स्वामी ज्ञान मुनि, देव मुनि, नेत्र पाल आर्य, सरोज आर्य, वीणा आर्य मौजूद रहे। अंत में कार्यक्रम के आयोजक नेत्रपाल आर्य व मुकेश कुमार आर्य ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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  • Web Title:Vedas is the book of all truth books: Acharya Vijay