Shahjahnpur News: भाइयों में था अटूट प्रेम, मौत भी आई तो साथ ले गई
Shahjahnpur News: तिलहर के अमनपुर गौटिया में भीषण सड़क हादसे में चार भाइयों में से दो भाई अजय और विजय की मौत हो गई। वे बड़े भाई अजय की देखरेख में अस्पताल जा रहे थे। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पिता की आंखों से आंसू निकल आए। पत्नी और बच्चों का भी बुरा हाल है।
Shahjahnpur News: तिलहर। अमनपुर गौटिया के रहने वाले राम भरोसे शर्मा के चार पुत्र अजय, संजय, विजय व नीरज थे। राम भरोसे शर्मा कई वर्षों से बीमार हैं और वह चलने फिरने में भी असमर्थ हैं। चारों भाई एक साथ मिलजुल कर रहते थे लेकिन शुक्रवार को ऐसी नजर लगी की दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। पीएम के बाद दोनों शवों के पहुंचने से घर में कोहराम मच गया। दोनों भाइयों के शवों का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जीवन भर साथ निभाने वाले दो भाइयों का अंत सड़क हादसे में हो गया। छोटे भाई विजय के पेट दर्द को देखते हुए बड़ा भाई अजय उसे राहत दिलाने के लिए अस्पताल लेकर जा रहा था लेकिन नियति ने ऐसा क्रूर मोड़ लिया कि दोनों की जीवन लीला एक ही साथ खत्म हो गई。
हादसे की खबर का असर
हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। दोनों भाइयों की पत्नियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अजय की पत्नी मोनी, तीन पुत्री निशा, सोनम, नैना तथा एक पुत्र यश और विजय की पत्नी रितु शर्मा, पुत्री हिमांशी एवं नित्या शर्मा तथा पुत्र कार्तिक शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल बना है। दोनों भाइयों की मौत के बाद घर के बच्चे दो भाई संजय और नीरज के ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आ गई है।
बीमार पिता की आंखों से आंसू निकल देख लोगों की आंखें हुई नम
राम भरोसे शर्मा बहुत अच्छे कारपेंटर थे लेकिन उन्हें अचानक पैरालिसिस का अटैक पड़ा इसके बाद वह बिस्तर पर आ गए। इसके बावजूद बड़े पुत्र अजय ने उनका काफी इलाज कराया और प्रतिदिन देखभाल की। शुक्रवार को जब उन्हें पता लगा कि उनके दो पुत्र अजय और विजय की सड़क हादसे में मौत हो गई है तो वह बिस्तर पर लेते ही गमजदा हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे। जब राम भरोसे का यह हाल देखा तो वहां पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। राम भरोसे दो पुत्रों की मौत के बाद गहरे सदमे में डूब गए।
गांव के सन्नाटे को तोड़ रही थी अजय और विजय की पत्नियों की चीखे
अजय और विजय की मौत के बाद उनके गांव में सन्नाटा पसर गया। शनिवार को दोनों भाइयों के शव घर से श्मशान घाट के लिए निकले तो गांव के इस सन्नाटे को अजय और विजय की पत्नियों की दहाड़े मारकर चीखने की आवाज तोड़ रही थी। मोनी और रितु का सुहाग उजड़ जाने से उन दोनों का रो-रो कर बुरा हाल था कई बार दोनों बेहोश हो गई। गांव की महिलाएं उन्हें समझा कर शांत कर रही थी पर उनके आंसू तो सूख चुके थे लेकिन उनकी चीखों ने सभी की आंखें नम कर दी।
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