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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश शाहजहांपुर...जिन्हें पाक से प्रेम उन्हें अब सदा सदा को दूर करो

...जिन्हें पाक से प्रेम उन्हें अब सदा सदा को दूर करो

हिन्दुस्तान टीम,शाहजहांपुरNewswrap
Mon, 01 Nov 2021 03:12 AM
नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन व संस्कृति विभाग के सहयोग से जीआईसी के खेल मैदान में राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन का आयोजन...
1/ 2नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन व संस्कृति विभाग के सहयोग से जीआईसी के खेल मैदान में राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन का आयोजन...
नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन व संस्कृति विभाग के सहयोग से जीआईसी के खेल मैदान में राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन का आयोजन...
2/ 2नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन व संस्कृति विभाग के सहयोग से जीआईसी के खेल मैदान में राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन का आयोजन...

नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से पर्यटन व संस्कृति विभाग के सहयोग से जीआईसी के खेल मैदान में राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कवि सम्मेलन में श्रोता आधी रात के बाद तक कविता की फुहारों से भीगते रहे। कवियों ने अपनी रचनाओं से खूब तालियां बटोरी।

स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव व चौरी-चौरा शताब्दी समारोह के अंतर्गत नगर निगम व जिला प्रशासन, शाहजहाँपुर के तत्वावधान पर्यटन व संस्कृति विभाग के सहयोग से कवि सम्मेलन की शुरुआत में कवियों ने मां शारदे व अमर शहीदों के चित्रों के सामने दीप जलाकर किया।

लखीमपुर खीरी से आए ओज के प्रमुख कवि आशीष अनल ने मां वाणी की वन्दना पढ़ी। उसके बाद उन्होंने देश प्रेम की अपनी रचनाओं से खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने सुनाया-

शब्द अगर मंत्र है तो होता कवि उसका आराधक है।

कविता अगर तपस्या है, तो कवि ही उसका साधक है।

सत्य छोड़कर कभी कलम को, भाया न कुछ दूजा है,

कवि की कविता उसकी पूजा, और लेखनी पूजा है।।

दिल्ली से आए अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कवि डा.सुनील जोगी ने श्रोताओं में अपनी रचनाओं से खूब जोश भरा। उन्होंने सुनाया-

भारत माता के कोटि-कोटि बेटे आबाद नहीं होते।

इस अमर तिरंगे के सारे रंग जिंदाबाद नहीं होते।

आओ हम मिलकर सारे फूल चढ़ा दें उनके चरणों में,

गर अमर शहीद नहीं होते तो हम आजाद नहीं होते ।

अध्यक्षता करते हुए बनारस से आये वरिष्ठ कवि भूषण त्यागी ने सुनाया-

एक मुहिम सक्षम भारत की चला सखे।

जिससे भरतवंशियों का हो भला सखे।

हंसते-हंसते जो सरहद पर जूझ गए,

एक दीप उनकी खातिर भी जला सखे।।

अलवर, राजस्थान से आए ओज में देश के शीर्षस्थ रचनाकार विनीत चौहान ने अपनी रचनाओं से खब तालियां बटोरी। उन्होंने सुनाया-

श्रीनगर में गूंज रहे जो देशद्रोह के नारे हैं।

ठंडी झीलों से निकले ज्यो जलते से अंगारे हैं।

जिन्हें पाक से प्रेम उन्हें अब सदा सदा को दूर करो

या फिर भारत के चरणों में, झुकने को मजबूर करो।

संचालन करते हुए बाराबंकी के कवि रामकिशोर तिवारी ने शहीद भगत सिंह पर मार्मिक रचना सुनाकर लोगों की आंखें नम कर दीं।

कण कण बोलता है वंदे मातरम् जहां,

क्रांतिकारियों की गाथा ललित ललाम है।

देशप्रेम की प्रखर ज्वाल है समुज्जवलित,

इतिहास में भी स्वर्ण अक्षरों में नाम है।

सम्मेलन के संयोजक कवि डा.इन्दु अजनबी ने अपनी पुस्तक शत-शत नमन काकोरी की चार पंक्तियां श्रोताओं को समर्पित की।

अंत में कवियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया।

साहिल इकबाल के संयोजन में हुए कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, दर्जा राजयमंत्री सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि, नगर आयुक्त संतोष शर्मा, अपर नगर आयुक्त एसके सिंह,एसडीएम सदर दशरथ कुमार, सहायक नगर आयुक्त अंगद गुप्ता, वीरेन्द्र पाल सिंह यादव, डा. कविता भटनागर, अनिल दीक्षित, लालित्य पल्लव, शोभित गुप्ता, सरोज मिश्रा उपस्थित रहे। आभार एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने व्यक्त किया।

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