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28 सितम्बर, 2020|9:28|IST

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पूरे परिवार का ऊंट के जरिए पलता था पेट, अब वही ऊंट भूखा

पूरे परिवार का ऊंट के जरिए पलता था पेट, अब वही ऊंट भूखा

सर्वजीत ने अपना एवं अपने परिवार का पेट पालने के लिए जिस ऊंट को खरीदा था, अब लाक डाउन में उसी ऊंट का पेट भरने के लिए गोरखपुर के सर्वजीत के सामने समस्या खड़ी हो गई। अपने आप को तथा अपने ऊंट की जिंदगी बचाने के लिए सर्वजीत अपने घर की ओर चल दिया। तिलहर पहुंचने पर पुलिस कांस्टेबल रूपेंद्र चौधरी ने सर्वजीत के साथ-साथ उनके ऊंट का भी पेट भरा और आर्थिक सहायता की।

गोरखपुर के सर्वजीत ने बताया कि वह लगभग 35 वर्षों से लुधियाना में मेहनत मजदूरी करते हैं। इसी दौरान उन्होंने रुपए कमाने के लिए एक ऊंट खरीदा था। ऊंट पर वह लोगों को बैठाकर घुमाते थे, जिसके बदले उन्हें रुपए मिलते थे। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन इतना कमा लेते थे कि उनके परिवार तथा ऊंट का पालन-पोषण सही से हो रहा था। उन्होंने बताया कि लाक डाउन लगा तो उन्होंने अपनी बचत की जमा पूंजी खर्च करना चालू कर दी, लेकिन वह भी धीरे-धीरे खत्म हो गई। इसके बाद उनको तथा उनके ऊंट को खाने की परेशानी होने लगी जिस पर उन्होंने अपने घर गोरखपुर चलने का मन बना लिया। उन्होंने बताया कि ऐसा समय उन्होंने कभी नहीं देखा, जहां ऊंट निकलने पर बच्चों सहित बड़ों की भीड़ लग जाती थी, लेकिन गोरखपुर जाते समय सैकड़ों किलोमीटर दूरी तय की, लेकिन कहीं पर भी ऊंट को देखने तक कोई नहीं आया।

गुरुवार दोपहर तिलहर बाईपास पर तैनात कांस्टेबल रूपेंद्र चौधरी ने भूख से परेशान सर्वजीत के लिए भोजन पैकेट दिए और उसके उसके लिए हरे चारे की व्यवस्था कराई। कांस्टेबल ने सर्वजीत को आर्थिक सहायता भी आगे के रास्ते के लिए दी। कुछ देर रुकने के बाद सर्वजीत फिर गोरखपुर के लिए अपने ऊंट की मदमस्त चाल के साथ चल दिए।

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  • Web Title:The whole family used to feed through the camel now the same camel starved