
जैसा दिख रहा है, वैसा नहीं है धर्मग्रंथ जलाने का मामला
Shahjahnpur News - ताज मोहम्मद, यह नाम अब पूरा जिला जानता है। उसने धार्मिक ग्रंथ जलाया। यह कृत्य बहुत खराब था। माहौल खराब करने वाला...
शाहजहांपुर, संवाददाता।
ताज मोहम्मद, यह नाम अब पूरा जिला जानता है। उसने धार्मिक ग्रंथ जलाया। यह कृत्य बहुत खराब था। माहौल खराब करने वाला था। शहर को आग में झोंक देने वाला था। जब उसे पकड़ा गया तो वह रूहानी बातें करने लगा। पूरा घर और मोहल्ला उसे विक्षिप्त करार देने लगा। पुलिस को भी उसके मानसिक इलाज के पर्चे मिले। अब ताज मोहम्मद जेल में है। इतना ही सबकुछ नहीं है। यह सबकुछ पर्दे के सामने का किस्सा है। पर पर्दे के पीछे का किस्सा क्या है, उसे ही जानने के लिए इंटेलीजेंस एजेंसियां लगी हुई हैं। पुलिस ने भले ही इतिश्री कर ली, घटना हुई, आरोपी जेल भेज दिया गया, लेकिन इतना सबकुछ हुआ और बहुत कुछ हो सकता था, आखिर एक विक्षिप्त जैसी हरकत और बातें करने वाले ने ऐसा ही क्यों कि जिला जल जाता, इसके पीछे के राज पता करने के लिए इंटेलीजेंस एजेंसियां लगी हुई हैं, वह शांत नहीं है।
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यह कहीं कोई प्रयोग तो नहीं
ताज मोहम्मद बाड़ूजई प्रथम मोहल्ले में रहता है। उसने बुधवार दोपहर में तीन से चार किलोमीटर दूर जाकर बाबूजई मोहल्ले के एक धार्मिक स्थल में घुस कर पवित्र ग्रंथ को जला दिया। पूरा शहर आग में जलने से बचा। आरोपी पकड़ा गया तो उसके परिवार से लेकर मोहल्ले तक ने उसे विक्षिप्त बता दिया। अब बात यह है कि अगर वह विक्षिप्त था तो उसने किसी से मारपीट क्यों नहीं, उसने कोई चीज छीनी, किसी को पत्थर क्यों नहीं मारा। उसने केवल ग्रंथ को ही जलाया। इस कृत्य से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। दंगा हो सकता था। जिले, प्रदेश और देश को अस्थिर करने का यह एक प्रयोग भी हो सकता है, जो असफल रहा।
ब्रेनवाश जैसी स्थितियों में ताज ने दिए जवाब
ताज मोहम्मद से कई चरणों में इंटेलीजेंस के अफसरों ने पूछताछ की। किसी के भी सवाल का सामान्य जवाब उसने नहीं दिया। उसने रटे रटाए गए जवाब दिए। इंटेलीजेंस के सूत्रों के अनुसार, ताज देखने में सामान्य है, वह किसी विक्षिप्त की तरह नहीं है, पर जब वह किसी सवाल का जवाब देता है तो ऐसा लगता है, जैसे उसे पहले से ही पता था कि ऐसे सवाल किए जाएंगे तो उसके जो जवाब हैं, वह बहुत ही अभ्यास कर देने वाले लग रहे थे। पूछताछ के दौरान ताज मोहम्मद ने ऐसी बातें कहीं, जो अक्सर विक्षिप्तों की केस हिस्ट्री से मेल खाती हैं।
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आरोपी और पूरा परिवार बना रिसर्च का विषय
=एक विक्षिप्त कैसे अचानक से ऐसी हरकत कर देता है कि उसका किया कृत्य दंगे जैसे हालात पैदा कर दें, इसके जवाब तलाशने के लिए खुफिया एजेंसियों ने बाकायदा प्लानिंग की है। ताज मोहम्मद के जन्म से लेकर अब तक के सभी रिकार्ड तलाश किए जा रहे हैं। वह कब से विक्षिप्तों वाली हरकत कर रहा है, उससे मिलने वालों में कौन कौन लोग हैं, उसके दोस्त कौन है। क्या कभी ताज मोहम्मद घर से लापता रहा। वह मोहल्ले में, रिश्तेदारियों में किन लोगों के संपर्क में रहा। किसी महिला को वह चाहता था। उसकी सेक्स लाइफ की भी जानकारी करने में एजेसियां लगी हैं।
मानसिक इलाज के पर्चे पाकर पुलिस मुतमईन
धार्मिक ग्रंथ जलाने के आरोपी ताज मोहम्मद को गिरफ्तार करने, उसे कोर्ट द्वारा जेल भेज देने के बाद पुलिस बहुत ही मुतमईन है कि उसका काम समाप्त हो गया। गिरफ्तारी को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने वाले आईजी रमित शर्मा ने भी बहुत जोर देकर बताया था कि ताज मोहम्मद के मानसिक इलाज के पर्चे मिले है, पर प्लानिंग भी एक दिन में नहीं होती है, सालों तक उस पर देश के दुश्मन काम करते हैं। उसके बाद ही वह प्रयोग करते हैं। इस बात को नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है।
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