Students told the farm management method of crop residues - छात्र-छात्राओं को बताया खेत में फसल अवशेष प्रबंधन का तरीका DA Image
13 नबम्बर, 2019|7:13|IST

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छात्र-छात्राओं को बताया खेत में फसल अवशेष प्रबंधन का तरीका

छात्र-छात्राओं को बताया खेत में फसल अवशेष प्रबंधन का तरीका

कृषि विज्ञान के नियामतपुर की ओर से रतन सिंह मेमोरियल महाविद्यालय पुवायां में कार्यशाला का आयोजन किया गया। एक दिवसीय कार्यशाला में फसल अवशेष प्रबंधन खेत में करने की जानकारी दी गई। इस दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच प्रतियोगिताएं भी कराई गई।

कार्यशाला में केंद्र के प्रभारी अधिकारी व सह निदेशक डा. एनपी गुप्ता ने कहा कि अधिकतर किसान धान की पुआल को खेत में जला देते हैं। जिससे खेत के असंख्य मित्र कीट व सूक्ष्य जीवाणु मर जाते हैं। इससे खेत की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है और फसल की पैदावार पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने छात्रों से अपने गांव में किसानों को फसल अवशेष खेत में न जलाने के लिए जागरूक करने की अपील भी की है। प्रोजेक्ट के मुख्य अन्वेषक डा. केएम सिंह ने कहा कि किसान खेत में हैप्पी सीडर आदि मशीनो का प्रयोग कर खेत में ही गेहूं की बुवाई कर सकते हैं। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार से कृषि विज्ञान केंद्र शाहजहांपुर को दिया गया है। जिससे जिले के किसानों और छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि खेत में पुआल की मल्चिंग कर खेत की दशा ठीक करने के साथ ही उसको जलाने से होने वाले प्रदूषण से भी बचा जा सकता है। इसके साथ ही हैप्पी सीडर, जीरो टिल, सीड कम फर्टिलाइजर, ड्रिल मशीन, मल्चर के खेत के प्रयोग की जानकारी दी गई। इस बीच महाविद्यालय के छात्रों से बीच वाद विवाद प्रतियोगिता कराई गई। इस मौके पर डा. एसके वर्मा, डा. टीबी यादव, डा. चंद्रपाल गुप्ता, अनूप दीक्षित आदि मौजूद रहे।

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