
हाईवे पर छुट्टा पशुओं का झुंड, हादसों में जान गंवा रहे लोग
Shahjahnpur News - शाहजहांपुर में छुट्टा पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। किसान दिन-रात फसलों की रखवाली करते हैं, फिर भी फसलें नष्ट हो जाती हैं। हादसे भी बढ़ रहे हैं, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। प्रशासन समस्या का समाधान करने में असफल है, जिससे लोगों में निराशा है।
शाहजहांपुर,संवाददाता। छुट्टा पशुओं को लेकर शहर से लेकर गांव तक लोगाें की मुश्किल कम होने का नाम नही ले रही है, जिससे किसान से लेकर शहर तक के लाेग परेशान रहते हैं। सुबह से शाम व रात से सुबह तक फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में रखवाली करते रहते हैं, उसके बाद भी फसलें नष्ट हो जाती हैं। वहीं लावारिश पशुओं के चलते नेशनल हाईवे हो या सड़क पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, जिससे कई बार तो लोगों की जान भी चली गयी। एक साल की बात करें तो लावारिश पशुओं से लखनऊ - दिल्ली हाइवे पर बरेली मोड़, तिलहर, कटरा तथा रोजा के पास हादसे हो चुके हैं।

जिसमें कई लोगों की जान भी चली गयी। कई बार तो रात में हादसे हुए जिसमें हाइवे पर वाहन पलट गए। कुछ महीने पहले लावारिश पशुओं के झु़ड ट्रेन से टकराकर कई की मृत्यु हो गयी थी। जिसके बाद जिला प्रशासन जागा, लेकिन एक दूसरे पर जिम्मेदारी देते हुए मामले टालते रहे। नतीजन आज भी जिले के अलग अलग इलाकों में लावारिश पशुओं की समस्या बनी हुई है। समस्या के निजात के लिए परेशान लोग आए दिन अधिकारियों से लेकर माननीयों तक समस्या रखते हैं, लेकिन समाधान के लिए बजाया टाल मटोल हो रही है। ======= दिक्कतें: शहरी क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर कुत्ते करते हैं हमला लावारिश पशुओं के अलावा जिले के शहरी क्षेत्र में आधी आबादी आवारा कुत्तों से परेशान हैं। नगर के ककरा कलां, अहमदपुर रेती, नवादा, आनंदपुरम, बस अड्डे, वाईवाग, सिटी पार्क तथा साउथ सिटी जैसे तमाम कालोनियों में आवारा कुत्तों का आतंक है। कई बार लोगों ने अधिकारियों को जानकारी देकर कुत्ते पकड़ने के लिए कहा है। लेकिन कई साल बीतने के बाद समस्या जस की तस बनी हुई है। करीब सात महीने पहले पुवायां क्षेत्र के एक आवारा कुत्ते ने 4 साल के मासूम बच्चे पर हमला कर दिया। घटना थाना पुवायां क्षेत्र के चटियापुर गांव की है। सुरजीत के चार वर्षीय बेटे को कुत्ते ने उस वक्त काट लिया, जब वह शाम के समय पड़ोस की दुकान से चीज लेने जा रहा था। बच्चा जैसे ही घर से बाहर निकला, कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के शरीर पर कई जगह काटा। बच्चे के चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। लोगों ने कुत्ते को भगाया और घायल बच्चे को तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। इसी तरह कई अन्य मामले हुए हैं। ======= कटरा खुदागंज में प्रशासन नहीं लेता संज्ञान फोटो: 31 खुदागंज रोड पर विचरण करते छुट्टा गोवंशीय पशुओं के झुंड। मीरानपुर कटरा। छुट्टा गोवंशीय पशुओं की समस्या क्षेत्र में नासूर बनी हुई है। रात को पशुओं के झुंड किसानों की फसलें चट कर रहे हैं। सड़कों पर भटकते पशु हादसों की वजह बन रहे हैं। किसानों की हाय तोबा का प्रशासन कोई संज्ञान नहीं लेता। बरेली शाहजहांपुर हाईवे, जलालाबाद और खुदागंज रोड समेत सभी प्रमुख सड़कों के किनारे छुट्टा गौवंशीय पशुओं के झुंड पसरे दिखेंगे। आए दिन पशुओं के झुंड सड़कों पर वाहन हादसों की वजह बनते हैं। पशुओं के झुंड खेतों में खड़ी फसलें चट कर जाते हैं। रात दिन रखवाली के बावजूद किसान पशुओं से फसलें नहीं बचा पा रहे। नगर पंचायत समेत विकास खंड में आधा दर्जन गौशालाएं हैं। गौशालाओं में महज चंद सैकड़ा गोवंशीय पशु हैं। हजारों की संख्या में छुट्टा गौवंशीय पशु मुसीबत बने हुए हैं। क्षेत्र के किसान तहसील दिवस में लगातार अधिकारियों से समस्या के समाधान की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है प्रशासन छुट्टा पशुओं को पकड़वा कर गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करे। इसके लिए क्षेत्र की हर ग्राम पंचायत में गौशाला बना कर ही समस्या का समाधान हो सकता है। ======= तिलहर में शाम होते ही हाईवे पर आ जाते पशु फोटो : 32 तिलहर में हाइवे पर टहलते लावारिश पशु। तिलहर पर हाइवे पर शाम होते होते ही लावारिश पशुओं से जमावाड़ा लगने लगता है। खेतों में फसल की रखवारी कर रहे किसान शाम होने के बाद खेतों की ओर से लावारिश पशुओं को भगाने लगते हैं, ऐसे में बड़ी में लावारिश पशु नेशनल हाईवे की सड़क पर बैठ जाते हैं। कई बार वाहनों की तेज गति होने पर हादसे हो जाते हैं।अभी पिछले महीने में इसी हाइवे पर बड़े वाहन की टक्कर से कई ल आरिश पशुओं की मौत हो गई है। वहीं कई बाइक सवारों की मौत हो चुकी है। बंथरा से तिलहर से कटरा तक मुख्य हाइवे पर पशु बैठे रहते हैं। इसी तरह जलालाबाद क्षेत्र के मिर्जापुर, कलान सहित कई क्षेत्रों में शाम होने के बाद का लावारिश पशु सैकड़ों की संख्या में है। जिससे राहगीरों की मुश्किल निकलना होता है। ====== जलालाबाद में भी समस्या के नहीं हो रहे समाधान फोटो : 33 जलालाबाद में हाइवे पर बैठे लावारिश पशु। जलालाबाद। राष्ट्रीय राजमार्ग 730सी एवं शाहजहांपुर-जलालाबाद राजकीय मार्ग पर शाम होते ही निराश्रित गोवंश का जमावड़ा सड़क के किनारे एवं सड़क पर लग जाता है जिससे आए दिन लोग हादसे का शिकार होते हैं तो वहीं गोवंश भी दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं कुछ दिन पूर्व जलालाबाद कोतवाली में तैनात होमगार्ड कमांडर की निराश्रित गोवंश से बाइक के टकराने पर इलाज के दौरान मौत हो गई थी इसी तरह से क्षेत्र में कई घटनाएं गोवंशों के द्वारा टकराने से हो चुकी हैं इस बारे में नगर पालिका जलालाबाद अधिशासी अधिकारी एच एन उपाध्याय ने बताया कि नगर पालिका द्वारा ग्राम सराय साधो में संचालित गोशाला की 80 क्षमता है और 115 गोवंश अभी रह रहे हैं। आवारा कुत्तों के लिए अभी कोई स्थान नहीं बनाया गया है। नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित निर्माणाधीन गौशाला कुछ माह में ग्राम गुरगांव में तैयार हो जाएगी जिसमें और निराश्रित गोवंश रख सकेंगे। -----------अब तक किए गए प्रयास---------- हाईवे पर छुट्टा पशुओं से निपटने को चार टीमें तैनात शाहजहांपुर पुलिस ने हाईवे पर छुट्टा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चार टीमों की तैनाती की है। ये टीमें वाहन के साथ रातभर पेट्रोलिंग करती हैं और सड़क पर घूम रहे गोवंशों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाती हैं। किसी घटना की जानकारी मिलते ही पशुओं को तत्काल अस्तबल भेजा जाता है। --------- डीएम ने बीडीओ को दी जिम्मेदारी, गोशालाएं फुल डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सभी छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक विकासखंड के बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के बाद कई गोवंशों को गोशालाओं में भेजा गया, लेकिन सीमित स्थान के कारण अब अधिकांश गोशालाएं भर चुकी हैं। प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है। ----------- कुत्तों की नसबंदी के लिए एबीसी सेंटर तैयार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नगर निगम ने एबीसी सेंटर तैयार कराया है, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। सेंटर के लिए जरूरी उपकरण लगभग पहुंच चुके हैं। बिजली कनेक्शन और तकनीकी व्यवस्था पूरी होते ही यह सेंटर जल्द शुरू किया जाएगा। इससे शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण की उम्मीद है। --------- हाईवे पर अवैध कट बंद, स्ट्रीट लाइटें जलवाईं हाईवे पर आवारा पशुओं से दुर्घटना रोकने के लिए प्रशासन ने अवैध कट बंद करा दिए हैं, ताकि गोवंश सड़क पार न कर सकें। साथ ही, रात में दृश्यता बनाए रखने के लिए हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें जलवाई गई हैं। इससे गोवंश सड़क पर दिख सकें और समय रहते हटाए जा सकें।

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