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कहीं पालीथिन को मात, कहीं पालीथिन से मात

कहीं पालीथिन को मात, कहीं पालीथिन से मात

1 / 2सावन का पहला सोमवार था। जिले के दो अलग-अलग भागों के शिवमंदिरों में दो तस्वीरें...

कहीं पालीथिन को मात, कहीं पालीथिन से मात

2 / 2सावन का पहला सोमवार था। जिले के दो अलग-अलग भागों के शिवमंदिरों में दो तस्वीरें...

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सावन का पहला सोमवार था। जिले के दो अलग-अलग भागों के शिवमंदिरों में दो तस्वीरें आईं। एक तस्वीर ग्रामीण इलाके पटनादेवकली से आई, जहां पूजन के लिए श्रद्धालु पालीथिन में सामग्री लेकर पहुचे। और वहीं दूसरी तस्वीर शाहजहांपुर के बाबा विश्वनाथ मंदिर की है, जहां श्रद्धालुगणों ने पूजन सामग्री रखने के लिए थाल और टोकरी का इस्तेमाल किया ।शाहजहांपुर जिले के कलान तहसील के गांव पटना देवकली स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर बड़ी संख्या में सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने तपस्या की थी। उन्होंने ही शिवलिंग की स्थापना भी की थी। इस प्राचीन मंदिर का अपना एक इतिहास है। बताया जाता है कि रावण भी एक बार पूजा करने के लिए और शिव जी को प्रसन्न करने के लिए आया था। इस प्राचीन मंदिर पर सावन के पहले सोमवार को पॉलीथिन आस्था पर भारी पड़ गई। प्रतिबंध के बाद भी श्रद्धालुओं ने पॉलीथिन में ही पूजा सामग्री रखकर पटना देवी मंदिर की ओर रुख किया, हालांकि वहां पर पुलिस तैनात थी, लेकिन पुलिस ने पॉलीथिन को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई है।\\

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  • Web Title:Somewhere confronting the polythene, somewhere with polythene